18 अगस्त 2026: लुधियाना के ढाई साल के आरव ठाकुर एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-2 से जूझ रहे हैं। उनके इलाज के लिए करीब ₹9 करोड़ की जरूरत है। बच्चे की मदद के लिए अभिनेता सोनू सूद भी आगे आए हैं और लोगों से आर्थिक सहायता की अपील की है।
18 महीने तक सामान्य था आरव
आरव के माता-पिता के अनुसार, जन्म के बाद करीब 18 महीने तक उसका विकास सामान्य था। इसके बाद उसकी शारीरिक गतिविधियां और मांसपेशियों की ताकत धीरे-धीरे कम होने लगी।
उस समय परिवार दुबई में रह रहा था। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद आरव में SMA टाइप-2 की पुष्टि की। इसके बाद परिवार उसे इलाज के लिए भारत वापस लेकर आया। फिलहाल आरव का इलाज PGI चंडीगढ़ में चल रहा है।
इलाज के लिए ₹9 करोड़ का इंजेक्शन
डॉक्टरों ने परिवार को बताया है कि आरव को या तो लंबे समय तक दवाओं की जरूरत होगी या फिर एक एकल इंजेक्शन दिया जा सकता है, जिसकी कीमत करीब ₹9 करोड़ बताई गई है।
परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना बेहद मुश्किल है। अब तक करीब ₹1 करोड़ की राशि जुटाई जा चुकी है, लेकिन उपचार के लिए अभी भी बड़ी रकम की जरूरत है।
सोनू सूद ने लोगों से मदद की अपील की
आरव की स्थिति को देखते हुए अभिनेता सोनू सूद ने भी मदद के लिए अपील की है। उन्होंने लोगों से आगे आकर बच्चे के इलाज के लिए आर्थिक सहयोग करने और इस अपील को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आग्रह किया है।
लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर भी कुछ दिन पहले शहर के लोगों और आम जनता से आरव की मदद के लिए आगे आने की अपील कर चुके हैं। प्रशासन और परिवार की कोशिश है कि जल्द से जल्द आवश्यक धनराशि जुटाई जा सके।
क्या है SMA टाइप-2?
स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें मांसपेशियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाली तंत्रिका कोशिकाएं प्रभावित होती हैं। इसके कारण धीरे-धीरे मांसपेशियों में कमजोरी आने लगती है और चलने-फिरने जैसी गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
आरव के परिवार को उम्मीद है कि लोगों की मदद से जरूरी धनराशि जुटाई जा सकेगी और उसे समय पर उपचार मिल पाएगा।
कुल मिलाकर, लुधियाना के ढाई साल के आरव ठाकुर की जिंदगी बचाने के लिए करीब ₹9 करोड़ के इलाज की जरूरत है। परिवार अब तक करीब ₹1 करोड़ जुटा चुका है। सोनू सूद और स्थानीय प्रशासन की अपील के बाद परिवार को उम्मीद है कि देशभर से लोग मदद के लिए आगे आएंगे।
