18 अगस्त 2026: लुधियाना के ग्रीन ग्रोव पब्लिक स्कूल, मोहनपुर में 11वीं कक्षा के छात्र सुरखाब को उनकी पहली कविता संग्रह ‘वैतरणी’ के लिए पहला सुरजीत पातर स्टूडेंट अवॉर्ड दिया जाएगा। सुरखाब घुडानी कलां गांव के रहने वाले हैं। पंजाब के भाषा विभाग ने उनके चयन की औपचारिक घोषणा की है।
यह पुरस्कार मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा दिवंगत प्रसिद्ध कवि और पद्मश्री से सम्मानित सुरजीत पातर की स्मृति में शुरू किया गया है। पुरस्कार के तहत 1 लाख रुपये की नकद राशि, विभागीय शॉल और स्मृति चिह्न प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार समारोह नवंबर 2026 में राज्य स्तरीय उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान आयोजित किया जाएगा।
तीन सदस्यीय विशेषज्ञ पैनल ने किया चयन
भाषा विभाग के निदेशक जसवंत सिंह जफर ने बताया कि इस पुरस्कार के लिए स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से विभिन्न साहित्यिक विधाओं में रचनाएं आमंत्रित की गई थीं। पहले ही वर्ष विभाग को बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए और सभी प्रविष्टियां कविता की थीं।
तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने सभी रचनाओं का मूल्यांकन किया और ‘वैतरणी’ को सर्वश्रेष्ठ चुना। जफर के अनुसार, सुरखाब की लेखनी में गहराई और संवेदनशीलता दिखाई देती है।
‘वैतरणी’ में हैं 100 कविताएं
सुरखाब की कविता पुस्तक ‘वैतरणी’ का प्रकाशन अमृतसर के सचल प्रकाशन ने किया है। इस संग्रह में कुल 100 कविताएं शामिल हैं।
पुस्तक का इससे पहले नवंबर 2025 में नई दिल्ली स्थित Academy of Fine Arts and Literature में आयोजित 66वें SAARC FOSWAL Literature Festival में विमोचन किया गया था। कार्यक्रम में वरिष्ठ लेखकों और आलोचकों ने पुस्तक की सराहना की थी।
कला और कल्पना से विकसित हुई कविता में रुचि
सुरखाब के पिता संदीप शर्मा, जो जिला भाषा अधिकारी हैं, ने बेटे की उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि सुरखाब की कविता में रुचि कला, रंगों और कल्पनात्मक चित्रों के प्रति उनके प्रेम से स्वाभाविक रूप से विकसित हुई।
उन्होंने कहा कि सुरखाब बेहद संवेदनशील पर्यवेक्षक हैं और छोटी-छोटी भावनाओं को महसूस करके उन्हें कविताओं में व्यक्त करते हैं। पुरस्कार के लिए नाम घोषित होने के बाद भी वह इस सम्मान को लेकर धीरे-धीरे अभ्यस्त हो रहे हैं।
स्कूल ने भी दी बधाई
ग्रीन ग्रोव पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल सूजी जॉर्ज ने सुरखाब को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में अपनी पहली पुस्तक के जरिए सुरखाब ने मानव संबंधों, मिथकों और समकालीन सोच को खूबसूरती से कविता में पिरोया है।
उन्होंने सुरखाब को दूसरे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बताया।
कुल मिलाकर, लुधियाना के युवा कवि सुरखाब ने अपनी पहली ही कविता पुस्तक ‘वैतरणी’ से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें पहला सुरजीत पातर स्टूडेंट अवॉर्ड मिलेगा, जिसमें 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि के साथ शॉल और स्मृति चिह्न भी दिया जाएगा।
