8 जुलाई 2026 पंजाब के लुधियाना में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) नीति के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार जारी है। इसी क्रम में वकीलों ने ‘नो वर्क डे’ मनाते हुए न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता अदालत परिसर में एकत्र हुए और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि LADC नीति के कुछ प्रावधान अधिवक्ताओं के हितों के अनुरूप नहीं हैं। उनका आरोप है कि इस नीति के लागू होने से पारंपरिक वकालत व्यवस्था और स्वतंत्र अधिवक्ताओं के कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए नीति में आवश्यक संशोधन किए जाने की मांग की जा रही है।
प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस मुद्दे पर जल्द बातचीत शुरू करने और समाधान निकालने की अपील की।
‘नो वर्क डे’ के कारण अदालतों में कई मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई। अनेक मुकदमों की सुनवाई अगली तारीख के लिए स्थगित करनी पड़ी, जिससे वादकारियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि, आपात और अत्यंत आवश्यक मामलों की सुनवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार जारी रही।
बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका उद्देश्य न्यायिक व्यवस्था को बाधित करना नहीं, बल्कि अपनी पेशेवर चिंताओं को सरकार और संबंधित विभागों तक पहुंचाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत के माध्यम से इस विवाद का समाधान निकाला जाएगा।
वहीं, न्यायिक कार्य प्रभावित होने से कई पक्षकारों ने चिंता जताई और जल्द समाधान की मांग की। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विवादों का समाधान संवाद और आपसी सहमति से निकालना ही सबसे बेहतर विकल्प है।
फिलहाल लुधियाना में अधिवक्ताओं का आंदोलन जारी है और सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार तथा संबंधित विभाग इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकलता, तो आंदोलन को आगे भी जारी रखने की चेतावनी दी गई है।
