1 अक्टूबर 2026 पंजाब के चर्चित ड्रग्स केस को लेकर राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। पंजाब AAP के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने विशेष जांच दल (SIT) से शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया तथा जगदीश भोला से आमने-सामने पूछताछ करने की मांग की है। धालीवाल का कहना है कि दोनों से एक साथ पूछताछ होने से मामले की जांच में सामने आए अलग-अलग पहलुओं को जोड़ने में मदद मिल सकती है।
यह मांग ऐसे समय में सामने आई है जब पंजाब पुलिस की SIT ने 2021 के ड्रग्स मामले में बिक्रम मजीठिया और जगदीश भोला दोनों को 5 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। दोनों को एक ही दिन बुलाए जाने से पहली बार आमने-सामने पूछताछ की संभावना बनी है।
SIT ने 5 अक्टूबर को दोनों को बुलाया
पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम 2021 में दर्ज ड्रग्स केस की जांच कर रही है। SIT ने मजीठिया और भोला को 5 अक्टूबर को पेश होने के लिए समन जारी किया है।
मामले में मजीठिया को दिसंबर 2021 में NDPS Act के तहत नामजद किया गया था। यह कार्रवाई 2018 में तत्कालीन स्पेशल टास्क फोर्स की ओर से तैयार रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ी थी। मजीठिया ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है और मामले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।
धालीवाल ने आमने-सामने पूछताछ पर दिया जोर
कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि जगदीश भोला और बिक्रम सिंह मजीठिया को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जानी चाहिए, ताकि ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े सभी पहलुओं की जांच हो सके।
उन्होंने कहा कि जांच में किसी भी व्यक्ति को विशेष व्यवहार नहीं मिलना चाहिए और मामले से जुड़े हर पहलू को कानून के अनुसार देखा जाना चाहिए। धालीवाल ने दावा किया कि आमने-सामने पूछताछ से जांच एजेंसी को अलग-अलग बयानों और तथ्यों का मिलान करने में मदद मिल सकती है।
2013 में सामने आया था जगदीश भोला का नाम
जगदीश भोला को पंजाब पुलिस ने नवंबर 2013 में एक ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसके घर से करीब 20 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद होने की बात कही थी।
2014 में भोला ने पूछताछ के दौरान मजीठिया का नाम लिया था। हालांकि, मजीठिया ने ड्रग्स नेटवर्क में अपनी भूमिका से इनकार किया है। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले से जुड़े कथित ड्रग्स और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच की थी।
2021 में मजीठिया पर दर्ज हुआ था केस
बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ दिसंबर 2021 में NDPS Act के तहत मामला दर्ज किया गया था। FIR में NDPS Act की धाराओं 25, 27A और 29 का उल्लेख किया गया था।
इस मामले में अब तक कई SIT का गठन हो चुका है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मजीठिया विभिन्न SIT के सामने कई बार पेश हो चुके हैं। मामले में जांच की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है।
धालीवाल ने पंजाब में ड्रग्स के मुद्दे पर भी साधा निशाना
धालीवाल ने ड्रग्स के मुद्दे पर SAD और BJP पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में 2007 से 2017 के दौरान ड्रग्स नेटवर्क फैला और इस अवधि में मजीठिया तथा उनके सहयोगियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें जांच या अदालत द्वारा साबित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता। मजीठिया पहले भी अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
सीमा पार से ड्रग्स तस्करी का मुद्दा भी उठाया
धालीवाल ने पंजाब की पाकिस्तान से लगती सीमा और ड्रोन के जरिए कथित रूप से ड्रग्स तथा हथियारों की तस्करी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अपने अधिकार क्षेत्र में ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है।
अब SIT की पूछताछ पर नजर
मजीठिया और भोला को 5 अक्टूबर को एक ही दिन पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद इस मामले में SIT की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। आमने-सामने पूछताछ वास्तव में होती है या नहीं, यह जांच टीम की प्रक्रिया और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल SIT की जांच जारी है।
