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जाबोवाल स्कूल को जलवायु संरक्षण में राष्ट्रीय सम्मान, शिक्षक संजीव कुमार भी सम्मानित

1 अक्टूबर 2026 पंजाब के अमृतसर स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जाबोवाल ने पर्यावरण संरक्षण और जलवायु जागरूकता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। स्कूल को GenCAN Climate Action Leadership Challenge में राष्ट्रीय विजेता घोषित किया गया है। वहीं स्कूल के मेंटर शिक्षक संजीव कुमार को National Best Performing Mentor Teacher के सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान प्रदान किया गया।

किताबों से आगे बढ़कर Climate Action पर काम

जाबोवाल स्कूल में जलवायु और पर्यावरण से जुड़ी शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया है। विद्यार्थियों को अपने आसपास मौजूद पर्यावरणीय समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए व्यावहारिक कदम उठाने के लिए प्रेरित किया जाता है।

स्कूल में जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और टिकाऊ जीवनशैली जैसे विषयों पर विद्यार्थियों को गतिविधियों के माध्यम से जानकारी दी जाती है। इस प्रयास का उद्देश्य छात्रों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।

चार विद्यार्थियों ने किया स्कूल का प्रतिनिधित्व

राष्ट्रीय कार्यक्रम में स्कूल की ओर से शिक्षक संजीव कुमार के साथ चार विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इनमें साजनप्रीत सिंह, आकाशदीप सिंह, पलकरीत कौर और नूरप्रीत कौर शामिल रहे।

विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए छात्रों और शिक्षकों के साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अनुभव साझा करने का अवसर मिला। इससे उन्हें जलवायु परिवर्तन और sustainability से जुड़े विभिन्न प्रयासों को समझने का मौका मिला।

HCL Foundation और CEE की GenCAN पहल

जाबोवाल स्कूल की यह उपलब्धि Generation for Climate Action (GenCAN) पहल के तहत किए गए कार्यों से जुड़ी है। यह पहल HCL Foundation और Centre for Environment Education (CEE) के सहयोग से संचालित होती है।

इसके तहत विद्यार्थियों को जलवायु परिवर्तन, biodiversity, conservation और sustainable practices के बारे में experiential learning के माध्यम से समझाया जाता है। विद्यार्थियों को पर्यावरणीय समस्याओं को पहचानने और स्थानीय स्तर पर उनके समाधान के लिए काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

Waste Management और Conservation पर भी काम

स्कूल में विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी कई गतिविधियों में हिस्सा लिया है। इनमें waste management, energy conservation, water conservation, biodiversity, environmental audits और community awareness campaigns शामिल हैं।

इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलाव भी पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकते हैं। स्कूल में छात्रों की ओर से जागरूकता अभियान और अन्य रचनात्मक गतिविधियां भी आयोजित की गईं।

कृषि अवशेष से बनाए Eco-friendly Products

स्कूल के विज्ञान क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों ने कृषि अवशेषों के इस्तेमाल से अलग-अलग उपयोगी उत्पाद तैयार करने पर भी काम किया है। रिपोर्ट के अनुसार, विद्यार्थियों ने धान की पराली से eco-briquettes तैयार किए हैं।

इसके अलावा कृषि अपशिष्ट से bio-cookers और ethanol जैसे fuel तैयार करने से जुड़े प्रयोग भी किए गए। इन गतिविधियों का उद्देश्य कृषि अवशेषों के उपयोग और पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों के बारे में विद्यार्थियों को व्यावहारिक जानकारी देना है।

पर्यावरण ऑडिट और जागरूकता अभियान

स्कूल के विद्यार्थियों ने पर्यावरणीय स्थिति को समझने के लिए अलग-अलग प्रकार के audits और awareness activities में भी भाग लिया। इनमें ऊर्जा और पानी के इस्तेमाल को समझना, waste management और biodiversity से जुड़े विषयों पर काम करना शामिल रहा।

इसके साथ ही विद्यार्थियों ने समुदाय के बीच भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाने का प्रयास किया। इस पूरी प्रक्रिया में छात्रों को केवल जानकारी लेने के बजाय स्वयं गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिला।

अरावली Biodiversity Park का दौरा

राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान जाबोवाल स्कूल के विद्यार्थियों को अरावली Biodiversity Park का दौरा करने का भी अवसर मिला। यहां उन्होंने nature walk, workshops और interactive sessions में हिस्सा लिया।

इस दौरान विद्यार्थियों ने प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र और biodiversity को करीब से समझा। उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों से आए युवा climate leaders और शिक्षकों के साथ बातचीत करने का अवसर भी मिला।

शिक्षक संजीव कुमार को भी राष्ट्रीय सम्मान

स्कूल की उपलब्धि के साथ मेंटर शिक्षक संजीव कुमार का योगदान भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना गया। उन्हें National Best Performing Mentor Teacher का सम्मान मिला।

संजीव कुमार ने कहा कि यह सम्मान विद्यार्थियों को पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर लगातार काम करने और अपनी सीख को स्कूल तथा समुदाय के स्तर पर गतिविधियों में बदलने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

विद्यार्थियों के लिए बना प्रेरणादायक उदाहरण

जाबोवाल स्कूल की यह उपलब्धि दिखाती है कि सरकारी स्कूलों में भी पर्यावरण शिक्षा को practical activities से जोड़कर विद्यार्थियों को climate action के लिए तैयार किया जा सकता है।

स्कूल में चल रही गतिविधियों से विद्यार्थियों को प्राकृतिक संसाधनों की अहमियत, waste management और sustainable practices को समझने का अवसर मिल रहा है। राष्ट्रीय सम्मान मिलने से इन प्रयासों को और प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, अमृतसर के जाबोवाल स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल को GenCAN Climate Action Leadership Challenge में राष्ट्रीय विजेता का सम्मान मिला है। स्कूल के मेंटर शिक्षक संजीव कुमार को National Best Performing Mentor Teacher चुना गया। विद्यार्थियों की climate awareness, waste management, energy-water conservation, biodiversity और कृषि अवशेषों के उपयोग से जुड़ी गतिविधियों ने स्कूल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।

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