24 अगस्त 2026 दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था में सुधार को लेकर किसी भी प्रदर्शन, रैली या सभा के लिए अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर अनुमति मिलने का दावा करने वाले वीडियो और पोस्ट को भ्रामक बताया है।
सोशल मीडिया पर वायरल दावों को बताया गलत
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरक्षण सुधार को लेकर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति दिए जाने से संबंधित कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे थे। पुलिस ने इन्हें झूठा और भ्रामक बताते हुए लोगों से ऐसे अपुष्ट दावों को आगे साझा नहीं करने की अपील की।
BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध
पुलिस ने बताया कि नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध है। पुलिस ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारी
पुलिस की अनुमति नहीं होने के बावजूद बाद में आरक्षण विरोधी प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे। प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और आर्थिक आधार को अधिक महत्व देने की मांग उठाई। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ से जुड़े प्रदर्शनकारियों की ओर से आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा, आर्थिक आधार को प्राथमिकता, कोटा के भीतर कोटा और आरक्षण नीति पर श्वेत पत्र जैसी मांगें उठाई गईं।
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
प्रदर्शन की सूचना के बाद जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग भी की गई, ताकि बिना अनुमति होने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
कुल मिलाकर, दिल्ली पुलिस ने आरक्षण सुधार को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और सोशल मीडिया पर अनुमति मिलने के दावों को गलत बताया था। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी वहां पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया।
