20 जुलाई 2026 : पंजाब के जालंधर में एक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी ने अपनी बेटी के सहयोग और प्रोत्साहन से मछली पालन (फिश फार्मिंग) के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। परिवार के संयुक्त प्रयासों से शुरू किया गया यह उद्यम अब सफल आजीविका का माध्यम बन गया है और अन्य किसानों व युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहा है।
सेवानिवृत्ति के बाद नई शुरुआत की तलाश में पूर्व पुलिसकर्मी ने पारंपरिक खेती के बजाय मछली पालन को अपनाने का निर्णय लिया। इस दौरान उनकी बेटी ने योजना बनाने, आधुनिक तकनीकों की जानकारी जुटाने और व्यवसाय को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
परिवार का कहना है कि शुरुआती दौर में कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन सही प्रशिक्षण, वैज्ञानिक तरीके और लगातार मेहनत के दम पर उन्होंने उत्पादन बढ़ाने में सफलता हासिल की। अब यह फार्म परिवार के लिए आय का स्थायी स्रोत बन चुका है।
मत्स्य पालन विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक तकनीकों और उचित प्रबंधन के साथ मछली पालन कम समय में बेहतर आय देने वाला व्यवसाय बन सकता है। यही कारण है कि पंजाब में भी कई किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ इस क्षेत्र की ओर रुख कर रहे हैं।
जालंधर के इस परिवार की सफलता यह दिखाती है कि परिवार के सहयोग, नई सोच और तकनीकी जानकारी के साथ कृषि से जुड़े वैकल्पिक व्यवसायों में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की जा सकती है।
