28 अगस्त 2026: पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी कराने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में जालंधर के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है।
NEET और JEE की तैयारी पर जोर
इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को JEE और NEET जैसी महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। विशेष कोचिंग के जरिए विद्यार्थियों को विज्ञान और गणित विषयों की मजबूत तैयारी कराई जा रही है।
इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों को निजी कोचिंग संस्थानों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर
विशेषज्ञ शिक्षकों और कोचिंग व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्रतियोगी परीक्षाओं के स्तर तक ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं के साथ-साथ टेस्ट, अभ्यास और परीक्षा पैटर्न की जानकारी भी दी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि सही मार्गदर्शन और लगातार अभ्यास से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी देश की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने की कोशिश
इस योजना के तहत विद्यार्थियों की शैक्षणिक क्षमता की पहचान कर उन्हें जरूरत के अनुसार अतिरिक्त मार्गदर्शन दिया जा रहा है। कठिन विषयों और टॉपिक्स को समझाने के साथ विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान भी किया जाता है।
नियमित टेस्ट के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रगति का आकलन किया जाता है और कमजोर क्षेत्रों पर अतिरिक्त ध्यान दिया जाता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए माहौल तैयार
सरकारी स्कूलों में इस तरह की कोचिंग व्यवस्था शुरू होने से विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अनुकूल माहौल मिलने लगा है।
JEE और NEET की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए समय प्रबंधन, प्रश्न हल करने की रणनीति और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन जैसे पहलुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा
निजी कोचिंग संस्थानों की फीस कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती होती है। सरकारी स्कूलों में विशेष कोचिंग मिलने से ऐसे परिवारों के विद्यार्थियों को बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिल सकता है।
भविष्य के डॉक्टर और इंजीनियर तैयार करने का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों से पढ़ने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और पेशेवर करियर के लिए तैयार करना है। जालंधर में शुरू की गई यह पहल विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने की दिशा में एक कदम है।
कुल मिलाकर, जालंधर के सरकारी स्कूलों में विशेष कोचिंग के जरिए विद्यार्थियों को JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जा रहा है। इस पहल से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन मिलने के साथ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर निजी कोचिंग का बोझ भी कम होने की उम्मीद है।
