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किसानों के विरोध के बाद बठिंडा के मौर में ड्रोन मैपिंग का काम रोका गया

28 अगस्त 2026: पंजाब के बठिंडा जिले के मौर क्षेत्र में किसानों के विरोध के बाद ड्रोन के जरिए की जा रही मैपिंग की प्रक्रिया रोक दी गई। किसानों ने ड्रोन सर्वे का विरोध करते हुए अधिकारियों के सामने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।

ड्रोन से की जा रही थी मैपिंग

प्रशासन की ओर से मौर क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से जमीन और क्षेत्र की मैपिंग की जा रही थी। इस दौरान किसानों को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए।

किसानों ने ड्रोन उड़ाए जाने पर आपत्ति जताते हुए अधिकारियों से इस प्रक्रिया का उद्देश्य और इसके तहत जुटाई जा रही जानकारी के बारे में सवाल किए।

किसानों ने जताया विरोध

किसानों का कहना था कि उन्हें ड्रोन मैपिंग को लेकर पहले पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने आशंका जताई कि सर्वे के दौरान उनकी जमीन से संबंधित जानकारी एकत्र की जा रही है, इसलिए प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

विरोध बढ़ने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की और फिलहाल ड्रोन मैपिंग का काम रोक दिया।

अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की

मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने किसानों को ड्रोन सर्वे के उद्देश्य और प्रक्रिया के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया। अधिकारियों ने किसानों की चिंताओं को सुना और मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने का भरोसा दिया।

इसके बाद स्थिति को देखते हुए मैपिंग की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई गई।

किसानों की आपत्तियों पर होगी चर्चा

किसानों ने प्रशासन से मांग की कि ड्रोन मैपिंग दोबारा शुरू करने से पहले उन्हें इसकी पूरी जानकारी दी जाए। किसानों का कहना है कि जमीन से जुड़े किसी भी सर्वे या रिकॉर्ड प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है।

प्रशासन की ओर से किसानों की आपत्तियों और उनकी चिंताओं पर विचार किए जाने की बात कही गई है।

क्षेत्र में तनाव की स्थिति टली

विरोध के बावजूद प्रशासन और किसानों के बीच बातचीत के बाद स्थिति नियंत्रण में रही। किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। प्रशासन अब किसानों के साथ बातचीत के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय ले सकता है।

कुल मिलाकर, बठिंडा के मौर क्षेत्र में किसानों के विरोध के बाद ड्रोन मैपिंग का काम रोक दिया गया। किसानों ने सर्वे की प्रक्रिया और इसके उद्देश्य को लेकर सवाल उठाए हैं। प्रशासन ने उनकी आपत्तियां सुनकर मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने का आश्वासन दिया है।

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