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हरियाणा सरकार ने कमजोर प्रतिक्रिया के चलते आईटी सक्षम युवा योजना 21 महीनों बाद वापस ली

29 अप्रैल 2026 :  हरियाणा सरकार ने “आईटी सक्षम युवा योजना” को 21 महीनों के बाद वापस लेने का फैसला किया है। इस योजना को युवाओं को डिजिटल कौशल सिखाने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया न मिलने के कारण इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, योजना के तहत युवाओं को आईटी और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी ट्रेनिंग दी जानी थी, ताकि वे स्वरोजगार या नौकरी के बेहतर अवसर हासिल कर सकें। इसके लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम और ऑनलाइन मॉड्यूल भी तैयार किए गए थे।

हालांकि, योजना को लेकर युवाओं की भागीदारी उम्मीद से काफी कम रही। कई जिलों में नामांकन संख्या बहुत कम रही, जिससे योजना के प्रभाव पर सवाल उठने लगे। अधिकारियों का कहना है कि योजना के प्रचार-प्रसार और कार्यान्वयन में कुछ कमियां भी सामने आईं।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी योजना की सफलता के लिए केवल उसका उद्देश्य ही नहीं, बल्कि उसका प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी होता है। अगर युवाओं तक सही जानकारी और संसाधन नहीं पहुंचते, तो वे योजना का लाभ नहीं उठा पाते।

इस योजना के बंद होने से उन युवाओं को निराशा हो सकती है, जो इससे जुड़ने की योजना बना रहे थे। हालांकि, सरकार का कहना है कि भविष्य में ऐसी योजनाओं को और बेहतर तरीके से डिजाइन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि डिजिटल स्किल डेवलपमेंट को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि नई और अधिक प्रभावी योजनाएं लाई जाएंगी। इसके तहत युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जाएगा।

इस फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आ रही है। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया है कि योजना को सही तरीके से लागू नहीं किया गया, जिसके कारण इसे बंद करना पड़ा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह एक व्यावहारिक निर्णय है और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

राज्य के कई युवाओं ने भी इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुछ का कहना है कि उन्हें इस योजना के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं मिली, जबकि कुछ ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि भविष्य में ऐसी योजनाओं को शुरू करने से पहले व्यापक सर्वेक्षण और जरूरतों का आकलन करना जरूरी है। इसके अलावा, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और रोजगार से जुड़ाव को भी मजबूत करना होगा।

फिलहाल, सरकार ने योजना को औपचारिक रूप से बंद कर दिया है और अब ध्यान नई रणनीतियों पर केंद्रित किया जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि सरकार किस तरह की नई पहल लेकर आती है और वह कितनी सफल होती है।

यह फैसला यह दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं को समय-समय पर समीक्षा की जरूरत होती है, ताकि उन्हें अधिक प्रभावी और उपयोगी बनाया जा सके।

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