23 सितंबर 2026: हरियाणा सरकार ने खरीफ-2026 की फसलों का पंजीकरण नहीं करा पाने वाले किसानों को राहत देते हुए ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ (MFMB) पोर्टल दोबारा खोल दिया है। यह पोर्टल 21 सितंबर से 27 सितंबर 2026 तक खुला रहेगा। सरकार ने यह फैसला उन किसानों को एक और अवसर देने के लिए लिया है, जो निर्धारित अंतिम तारीख 31 जुलाई तक अपनी जमीन और फसल का पंजीकरण नहीं करा पाए थे और अब सरकारी खरीद प्रक्रिया में परेशानी का सामना कर सकते हैं।
किसानों को दोबारा क्यों दिया गया मौका?
‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर फसल का पंजीकरण किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके जरिए किसान अपनी बोई गई फसल, जमीन और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी दर्ज करते हैं। पंजीकरण के आधार पर किसानों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, फसल विविधीकरण प्रोत्साहन और फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़ी सुविधाओं का लाभ मिल सकता है।
इसके अलावा, विनियमित मंडियों में कृषि उपज की बिक्री के लिए भी इस पोर्टल पर फसल पंजीकरण महत्वपूर्ण है। ऐसे में जिन किसानों का पंजीकरण समय पर नहीं हो पाया था, उन्हें आगामी सरकारी खरीद में परेशानी हो सकती थी। इसी को देखते हुए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने पंजीकरण के लिए अतिरिक्त समय दिया है।
21 से 27 सितंबर तक खुला रहेगा पोर्टल
सरकार के मुताबिक, छूटे हुए किसान 21 सितंबर से 27 सितंबर 2026 तक पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। किसानों को इसके लिए संबंधित उपमंडल अधिकारी (SDM/SDO-C) कार्यालय में लिखित आवेदन देना होगा।
आवेदन में जमीन से जुड़ी पूरी जानकारी देनी होगी। इसमें खेवट नंबर, खसरा नंबर और खेती के अधीन क्षेत्रफल जैसी जानकारी शामिल है। संबंधित अधिकारी आवेदन की जानकारी MFMB पोर्टल पर दर्ज करेंगे।
आवेदन के बाद तुरंत पंजीकरण मान्य नहीं होगा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल आवेदन जमा कर देने से फसल का पंजीकरण अंतिम रूप से मान्य नहीं माना जाएगा। जमीन और फसल से जुड़ी जानकारी का निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन किया जाएगा।
अधिकारियों को दावों का सत्यापन अधिकतम तीन दिन के भीतर कराने के निर्देश दिए गए हैं। सत्यापन में संबंधित राजस्व अधिकारियों की मदद ली जाएगी। कुछ सरकारी जानकारी के अनुसार सत्यापन के दौरान सैटेलाइट डेटा और फील्ड निरीक्षण का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
सत्यापन के बाद ई-खरीद पोर्टल से जुड़ेगा रिकॉर्ड
जब किसान की जमीन और फसल से जुड़ी जानकारी सफलतापूर्वक सत्यापित हो जाएगी, तब अनुमानित उत्पादन का विवरण तैयार किया जाएगा। यह जानकारी ई-खरीद पोर्टल के साथ साझा की जाएगी।
इसका उद्देश्य पात्र किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था में शामिल करना है, ताकि वे अपनी पंजीकृत फसल को निर्धारित खरीद प्रक्रिया के तहत बेच सकें।
पहले से पंजीकृत जमीन का दोबारा पंजीकरण नहीं
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि खरीफ-2026 में जिस जमीन या फसल का पहले ही पंजीकरण हो चुका है, उसका दोबारा पंजीकरण नहीं किया जाएगा। यदि किसी जमीन पर पहले से किसी अन्य किसान ने दावा किया है, तो उसी जमीन को दोबारा पंजीकृत करने की अनुमति नहीं होगी।
ऐसी स्थिति में संबंधित किसान निर्धारित किसान लॉगिन के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकता है। इसका उद्देश्य रिकॉर्ड में दोहराव और गलत पंजीकरण को रोकना है।
सरकार का उद्देश्य किसानों को खरीद प्रक्रिया से जोड़ना
हरियाणा सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य उन किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था से जोड़ना है, जो किसी कारण से समय पर फसल का पंजीकरण नहीं करा पाए। सरकार ने अधिकारियों को आवेदन, सत्यापन और डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी किसानों, आढ़तियों, व्यापारियों, राइस मिलर्स और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक में धान खरीद की तैयारियों पर चर्चा की थी। सरकार ने किसानों को आश्वासन दिया है कि खरीद के दौरान उन्हें परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी।
किसानों के लिए जरूरी बात
जो किसान खरीफ-2026 की फसल का पंजीकरण पहले नहीं करा पाए हैं, उनके लिए 27 सितंबर 2026 तक का समय महत्वपूर्ण है। उन्हें संबंधित SDM/SDO-C कार्यालय में जमीन और फसल की पूरी जानकारी के साथ आवेदन करना होगा। वहीं, जिन किसानों का पंजीकरण पहले ही सफलतापूर्वक हो चुका है, उन्हें उसी जमीन और फसल का दोबारा पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं है।
