30 सितंबर 2026 हरियाणा में धान की सरकारी खरीद मंगलवार से कई अनाज मंडियों में शुरू हो गई। राज्य सरकार ने खरीद प्रक्रिया को 1 अक्टूबर से पहले शुरू करने का फैसला लिया था, लेकिन पहले ही दिन फसल में ज्यादा नमी खरीद प्रक्रिया के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई। सोमवार को हुई भारी बारिश के कारण धान की कटाई में भी करीब एक सप्ताह की देरी हुई है।
कई मंडियों में धान की खरीद शुरू
करनाल जिले की कई अनाज मंडियों में मंगलवार को धान की खरीद शुरू हुई। रिपोर्ट के अनुसार, जिले की विभिन्न मंडियों में करीब 470 क्विंटल धान की खरीद की गई। इसमें करनाल शहर में 160 क्विंटल, इंद्री में 80 क्विंटल, कुंजपुरा में 65 क्विंटल और जुंडला में 165 क्विंटल धान खरीदा गया।
हालांकि, सभी मंडियों में खरीद शुरू नहीं हो सकी। अधिकारियों के अनुसार धान में नमी निर्धारित सीमा से अधिक होने के कारण कुछ जगहों पर खरीद रोकनी पड़ी।
बारिश ने बढ़ाई किसानों की परेशानी
पिछले दिनों हुई बारिश का सीधा असर धान की कटाई और मंडियों में पहुंच रही फसल पर पड़ा है। भारी बारिश के कारण खेतों में फसल की कटाई प्रभावित हुई और धान में नमी का स्तर बढ़ गया।
अधिकारियों के मुताबिक, बारिश के कारण धान की कटाई करीब एक सप्ताह तक पीछे चली गई। इसके चलते मंडियों में धान की आवक फिलहाल धीमी बनी हुई है। हालांकि आने वाले दिनों में आवक बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।
करनाल DC ने मंडियों का किया निरीक्षण
करनाल के उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने करनाल और घरौंडा की अनाज मंडियों का निरीक्षण किया। उन्होंने खरीद व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को किसानों के लिए जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित नमी की सीमा के अनुरूप अपनी फसल मंडियों में लेकर आएं। अधिकारियों का कहना है कि खरीद प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
किसानों ने नमी मानक में छूट मांगी
दूसरी ओर, बारिश के कारण किसानों के सामने पैदा हुई स्थिति को देखते हुए नमी से जुड़े खरीद नियमों में राहत की मांग उठने लगी है।
भारतीय किसान यूनियन (सर छोटूराम) के प्रवक्ता बहादुर सिंह मेहला ने सरकार से धान की निर्धारित नमी सीमा में छूट देने की मांग की। उनका कहना है कि बारिश के कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ है और मौजूदा परिस्थितियों में खरीद नियमों में राहत मिलनी चाहिए।
कुरुक्षेत्र में भी खरीद शुरू
कुरुक्षेत्र जिले की अनाज मंडियों में भी धान की खरीद शुरू हो गई। शाहाबाद मंडी में किसानों ने सरकार से धान की समय पर लिफ्टिंग सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि मंडियों में फसल जमा होने से स्थिति खराब न हो और किसानों को भुगतान समय पर मिल सके।
किसानों ने धान खरीद प्रक्रिया से जुड़े अन्य मुद्दों को भी जल्द हल करने की मांग की है। इनमें राइस मिलर्स और आढ़तियों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं।
अंबाला और हिसार में भी असर
अंबाला कैंट की अनाज मंडी में पहले दिन करीब 550 क्विंटल धान की खरीद की गई। कृषि विभाग के अनुसार हाल की बारिश से क्षेत्र में कटाई प्रभावित हुई और इसमें कुछ दिनों की देरी हुई है। हालांकि विभाग ने फसल को हुए नुकसान की पुष्टि नहीं की है।
हिसार के उकलाना और बरवाला की मंडियों में किसान PR धान लेकर पहुंचे, लेकिन फसल में निर्धारित सीमा से ज्यादा नमी होने के कारण खरीद शुरू नहीं हो सकी। हरियाणा के PWD मंत्री रणबीर गंगवा ने भी कई मंडियों का दौरा कर खरीद व्यवस्था का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है आवक
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल धान की आवक धीमी है, लेकिन आने वाले दिनों में कटाई तेज होने के साथ मंडियों में फसल की आवक बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में खरीद और लिफ्टिंग की व्यवस्था को सुचारू रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा।
बारिश के बाद नमी की समस्या के बीच किसानों की नजर अब सरकार की ओर से मिलने वाली राहत पर है। किसान चाहते हैं कि उनकी तैयार फसल को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द खरीदा जाए और मंडियों में लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
खरीद प्रक्रिया को सुचारू रखना चुनौती
धान की सरकारी खरीद शुरू होने के साथ ही प्रशासन के सामने मंडियों में व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी बढ़ गई है। एक ओर किसानों की फसल मंडियों में पहुंच रही है, वहीं दूसरी ओर अधिक नमी के कारण कई स्थानों पर खरीद प्रभावित हो रही है।
सरकार और प्रशासन की कोशिश है कि खरीद प्रक्रिया में किसानों को अनावश्यक परेशानी न हो। आने वाले दिनों में मौसम, फसल की नमी और मंडियों में धान की आवक के आधार पर खरीद की रफ्तार में बदलाव देखने को मिल सकता है।
