2 जुलाई 2026 : हरियाणा के ₹169 करोड़ के बैंक घोटाला मामले में CBI ने दावा किया है कि पूर्व IAS अधिकारी प्रदीप कुमार को कथित तौर पर अवैध लाभ मिला था। जांच एजेंसी के अनुसार, वह हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के फंड निवेश से जुड़े फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका में थे।
CBI के मुताबिक, प्रदीप कुमार ने HSPCB के अतिरिक्त फंड को बैंकों में निवेश करने की प्रक्रिया संभाली थी। एजेंसी का आरोप है कि निवेश से जुड़े फैसले आधिकारिक प्रक्रिया के बाहर भी तय किए गए और कुछ बैंक खातों में बड़ी रकम जमा की गई।
रिटायरमेंट के दिन हुई गिरफ्तारी
प्रदीप कुमार, जो HSPCB में सदस्य सचिव के पद पर रह चुके हैं, को CBI ने 30 जून को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पंचकूला की अदालत ने उन्हें CBI हिरासत में भेजा।
CBI ने कोर्ट में रखे आरोप
जांच एजेंसी ने अदालत में कहा कि कुछ WhatsApp चैट और अन्य सामग्री से संकेत मिले हैं कि निवेश से जुड़े फैसलों पर आधिकारिक चैनल के बाहर चर्चा हुई। CBI ने आगे की पूछताछ के लिए हिरासत की मांग की।
मामले की जांच जारी
CBI इस मामले में बैंक अधिकारियों, सरकारी अधिकारियों और अन्य जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
