3 नवंबर 2026 : हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार से जुड़ी जांच और सूचनाओं के आदान-प्रदान में तेजी लाने के लिए सभी सरकारी विभागों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अब प्रत्येक विभाग और संबंधित सरकारी संस्थान को एक राजपत्रित अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा। यह अधिकारी राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (State Vigilance and Anti-Corruption Bureau) के साथ समन्वय करेगा और ब्यूरो की ओर से मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संभालेगा।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, ब्यूरो से लिखित अनुरोध मिलने के बाद जहां तक व्यावहारिक रूप से संभव हो, संबंधित जानकारी 48 घंटे के भीतर उपलब्ध करानी होगी। सरकार का उद्देश्य विभागों के बीच समन्वय बेहतर बनाना और जरूरी सूचनाएं मिलने में होने वाली अनावश्यक देरी को रोकना है।
हर विभाग में नियुक्त होगा राजपत्रित अधिकारी
सरकार ने सभी विभागों और संबंधित संस्थानों को एक राजपत्रित अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में नामित करने को कहा है। यह अधिकारी विजिलेंस ब्यूरो की ओर से भेजे जाने वाले लिखित अनुरोधों पर संबंधित विभाग से जानकारी जुटाएगा और उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराएगा।
इस व्यवस्था से ब्यूरो को अलग-अलग अधिकारियों और शाखाओं से जानकारी जुटाने के लिए बार-बार संपर्क करने की जरूरत कम हो सकती है। प्रत्येक विभाग में एक जिम्मेदार अधिकारी होने से सूचनाओं के आदान-प्रदान की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है।
48 घंटे में जानकारी देने का लक्ष्य
सरकार के निर्देश में कहा गया है कि विजिलेंस ब्यूरो की ओर से लिखित रूप में जानकारी मांगे जाने पर विभागों को, जहां तक संभव हो, 48 घंटे के भीतर जवाब देना होगा। यह समयसीमा सूचना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से तय की गई है।
यह निर्देश भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों की जांच में आवश्यक दस्तावेज और विभागीय जानकारी समय पर उपलब्ध कराने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इससे जांच एजेंसी और सरकारी विभागों के बीच तालमेल बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
15 दिन में भेजना होगा अधिकारियों का विवरण
हरियाणा सरकार ने सभी संबंधित विभागों को नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के बाद उनका पूरा विवरण 15 दिनों के भीतर भेजने का निर्देश दिया है। इसमें अधिकारी का नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी शामिल होगी।
यह जानकारी हरियाणा सरकार के सतर्कता विभाग और राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक को भेजनी होगी, ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारी से सीधे संपर्क किया जा सके।
कई सरकारी संस्थान भी निर्देशों के दायरे में
यह व्यवस्था केवल विभागीय मुख्यालयों तक सीमित नहीं रहेगी। इसके तहत प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, सरकारी बोर्डों और निगमों के प्रबंध निदेशकों तथा राज्य विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को भी निर्देश भेजे गए हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी इस संबंध में पत्र भेजा गया है।
सरकार की ओर से जारी यह व्यवस्था राज्य के प्रशासनिक तंत्र और विजिलेंस ब्यूरो के बीच सूचना साझा करने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश है। अब संबंधित विभागों को नोडल अधिकारी नामित कर निर्धारित समय में उनका विवरण भेजना होगा।
