3 जुलाई 2026 : हरियाणा में कस्टम मिल्ड राइस (CMR) जमा करने की निर्धारित समय सीमा समाप्त हो गई है, लेकिन अब भी 6 लाख मीट्रिक टन (LMT) से अधिक चावल सरकारी एजेंसियों को सौंपा जाना बाकी है। इससे खाद्य आपूर्ति व्यवस्था और राइस मिलों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, निर्धारित अवधि के भीतर सभी मिलें तय लक्ष्य पूरा नहीं कर सकीं, जिसके कारण बड़ी मात्रा में CMR की डिलीवरी लंबित है।
राइस मिलों पर बढ़ा दबाव
समयसीमा समाप्त होने के बाद अब राइस मिलों पर लंबित चावल की आपूर्ति जल्द पूरी करने का दबाव बढ़ गया है। संबंधित विभाग मिलों से देरी के कारणों की जानकारी जुटा रहे हैं।
सरकारी एजेंसियां कर रही समीक्षा
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और खरीद एजेंसियां जिलेवार स्थिति की समीक्षा कर रही हैं। जिन मिलों ने निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं किया है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है।
आगे की रणनीति पर मंथन
अधिकारियों का कहना है कि लंबित CMR की जल्द डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही, भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
