17 सितंबर, 2026 : दिल्ली सरकार ने पूर्वी दिल्ली के दिलशाद गार्डन स्थित गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में 250 बेड वाले सुपर स्पेशियलिटी-कम-ट्रॉमा ब्लॉक के निर्माण को मंजूरी दे दी है। दिल्ली कैबिनेट ने इस परियोजना को करीब 244.87 करोड़ रुपये की लागत से तैयार करने की स्वीकृति दी है। नए ब्लॉक का उद्देश्य अस्पताल में मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए आपातकालीन और गंभीर चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करना है।
सात मंजिला होगा नया ब्लॉक
प्रस्तावित सुपर स्पेशियलिटी-कम-ट्रॉमा ब्लॉक GTB अस्पताल के मौजूदा परिसर में ही बनाया जाएगा। इसके लिए अलग से जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं होगी। करीब 22,550 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाली यह इमारत बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और छह ऊपरी मंजिलों वाली सात मंजिला सुविधा होगी। परियोजना को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के फेज-IV के तहत विकसित किया जाएगा।
250 बेड की होगी क्षमता
नए ब्लॉक में कुल 250 बेड होंगे। इनमें 20 इमरजेंसी बेड, 5 बर्न्स ICU बेड, 70 ICU बेड, 4 आइसोलेशन बेड, 22 प्री और पोस्ट-सर्जरी बेड, 102 जनरल वार्ड बेड और 25 प्राइवेट रूम शामिल होंगे।
अधिकारियों के अनुसार, क्रिटिकल केयर के लिए कुल 77 बेड की व्यवस्था होगी। इससे गंभीर मरीजों, दुर्घटना पीड़ितों और तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत वाले लोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
24 घंटे मिलेगी इमरजेंसी और ट्रॉमा सुविधा
नए ब्लॉक की सबसे महत्वपूर्ण सुविधाओं में 24×7 इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर शामिल है। ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी विभाग के साथ CT स्कैन, MRI और X-ray जैसी डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसका उद्देश्य गंभीर मरीजों को अस्पताल के अलग-अलग विभागों में भेजने के बजाय जरूरी जांच, उपचार और आपातकालीन सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराना है।
नौ आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और 48 स्पेशियलिस्ट OPD
प्रस्तावित ब्लॉक में 9 आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और 48 स्पेशियलिस्ट OPD कमरे बनाए जाएंगे। इसके अलावा मरीजों के इलाज के लिए न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, डर्मेटोलॉजी और डेंटल जैसी विशेषज्ञ सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के विस्तार से गंभीर और जटिल मामलों के इलाज के लिए मरीजों को अधिक सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी।
ICU और वार्ड की भी होगी व्यवस्था
नए ब्लॉक की दूसरी मंजिल पर 72 बेड का ICU बनाया जाएगा। चौथी और पांचवीं मंजिल पर 175 जनरल और प्राइवेट वार्ड बेड होंगे।
बेसमेंट में ब्लड बैंक और प्रयोगशाला की व्यवस्था की जाएगी। छठी मंजिल पर कार्यालयों, कक्षाओं और डॉक्टरों की ट्रेनिंग के लिए प्रयोगशाला की सुविधा होगी।
मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए लिया गया फैसला
दिल्ली सरकार के अनुसार, GTB अस्पताल पूर्वी दिल्ली का प्रमुख सरकारी अस्पताल है और यहां मरीजों का काफी दबाव रहता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अस्पताल में लगभग सभी बेड लगातार भरे रहते हैं। ऐसे में दुर्घटना पीड़ितों और गंभीर आपातकालीन मरीजों के लिए आधुनिक ट्रॉमा सुविधाओं का विस्तार जरूरी है।
सरकार के मुताबिक, नए ब्लॉक के तैयार होने के बाद गंभीर मरीजों को इमरजेंसी, ट्रॉमा केयर, विशेषज्ञ उपचार, जांच, सर्जरी और ICU की सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
PMSSY के तहत होगा निर्माण
यह परियोजना प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के फेज-IV के तहत तैयार की जाएगी। PMSSY के तहत सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने और मरीजों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परियोजनाएं विकसित की जाती हैं। इस परियोजना में केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच साझा वित्तीय व्यवस्था होगी।
निर्माण की निगरानी के लिए बनेगी समिति
परियोजना की प्रगति पर नजर रखने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति गठित की जाएगी। यह समिति हर तीन महीने में बैठक कर निर्माण कार्य की समीक्षा करेगी।
नए ब्लॉक को 2028 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पूरा होने के बाद GTB अस्पताल में गंभीर दुर्घटना और आपातकालीन मामलों के इलाज की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
निष्कर्ष: दिल्ली के GTB अस्पताल में 244.87 करोड़ रुपये की लागत से 250 बेड का सुपर स्पेशियलिटी-कम-ट्रॉमा ब्लॉक बनाया जाएगा। सात मंजिला इस सुविधा में 24 घंटे इमरजेंसी और ट्रॉमा सेवाओं के साथ ICU, ऑपरेशन थिएटर, विशेषज्ञ OPD, आधुनिक जांच सुविधाएं, ब्लड बैंक और वार्ड शामिल होंगे। परियोजना को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
