2 सितंबर 2026 : हरियाणा में गैंगस्टरों और आपराधिक गिरोहों की धमकियों ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश सरकार ने विधानसभा में बताया कि 1 जनवरी 2025 से 31 जुलाई 2026 के बीच गैंगस्टरों से धमकी मिलने के बाद कुल 396 लोगों को सुरक्षा कवर उपलब्ध कराया गया। इन लोगों की सुरक्षा के लिए 691 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
सरकार की ओर से जारी आंकड़ों में सबसे बड़ी संख्या कारोबारियों की है। कुल 396 लोगों में 338 कारोबारी, 25 जनप्रतिनिधि और 33 अन्य श्रेणियों के लोग शामिल हैं। अन्य श्रेणी में हरियाणवी गायक और दूसरे लोग शामिल हैं।
85 फीसदी से ज्यादा सुरक्षा कारोबारी वर्ग को
विधानसभा में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, गैंगस्टर की धमकियों से सबसे अधिक कारोबारी प्रभावित हैं। सुरक्षा पाने वाले 396 लोगों में 338 कारोबारी हैं, यानी कुल लाभार्थियों का करीब 85 प्रतिशत हिस्सा कारोबारी वर्ग से जुड़ा है।
यह आंकड़ा इस बात की ओर संकेत करता है कि संगठित अपराध और रंगदारी की धमकियों का असर प्रदेश के कारोबारी वर्ग पर गंभीर रूप से पड़ रहा है। कई मामलों में कारोबारियों को गैंगस्टरों की ओर से धमकी देकर पैसे की मांग किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
25 जनप्रतिनिधियों को भी सुरक्षा
सरकार की जानकारी के मुताबिक, गैंगस्टरों की धमकियों के कारण 25 जनप्रतिनिधियों को भी सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा 33 लोग अन्य श्रेणियों में आते हैं, जिनमें हरियाणवी कलाकार और गायक भी शामिल हैं।
सरकार ने सुरक्षा पाने वाले लोगों के नाम, पद और जिलेवार जानकारी सार्वजनिक करने से इनकार किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ऐसी जानकारी सामने आने से संबंधित लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।
691 पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात
396 लोगों की सुरक्षा के लिए प्रदेश में कुल 691 सुरक्षा कर्मियों को लगाया गया है। सरकार के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था संबंधित लोगों के खतरे के स्तर को ध्यान में रखकर की गई है।
इनमें से 366 लोगों की सुरक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार उठा रही है, जबकि 20 लोगों को भुगतान के आधार पर सुरक्षा दी गई है। वहीं, 10 लोगों की सुरक्षा का खर्च सरकार और संबंधित व्यक्ति दोनों मिलकर उठा रहे हैं।
हरियाणा में रंगदारी के मामलों में 17 फीसदी बढ़ोतरी
गैंगस्टर और सुरक्षा से जुड़े आंकड़ों के साथ-साथ हरियाणा में रंगदारी के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 27 अगस्त को विधानसभा में बताया था कि 2026 में जुलाई तक 296 रंगदारी के मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 253 थी।
इस तरह रंगदारी के मामलों में करीब 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस बढ़ोतरी का एक प्रमुख कारण विदेशों से आने वाले गुमनाम कॉल हैं। अपराधी डिजिटल एप्लिकेशन और अन्य तकनीकों का इस्तेमाल कर अपनी पहचान और लोकेशन छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।
कई गैंग सक्रिय होने की जानकारी
सरकारी आंकड़ों और रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा में कई आपराधिक गिरोहों की गतिविधियां चिंता का विषय बनी हुई हैं। इनमें लॉरेंस बिश्नोई, संपत नेहरा, अनिल चिप्पी, अक्षय पालरा, संदीप उर्फ काला जठेड़ी, नीरज बवाना, नवीन बाली, हिमांशु उर्फ भाऊ और काला खरमपुरिया से जुड़े गिरोहों का उल्लेख किया गया है। इनमें से कुछ गैंगस्टरों का नेटवर्क विदेशों तक फैला होने की बात भी सामने आई है।
नेताओं और कलाकारों को भी मिल रही धमकियां
हरियाणा में गैंगस्टर धमकियों का असर केवल कारोबारियों तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के दिनों में कई जनप्रतिनिधियों और कलाकारों को भी धमकियां मिली हैं।
करनाल के भाजपा विधायक जगमोहन आनंद को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया था। सिरसा के कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया को भी कई बार धमकियां मिलने की जानकारी सामने आई है। वहीं, महम से कांग्रेस विधायक बलराम दांगी को कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाला फोन आया था।
हरियाणवी गायक की हत्या से भी बढ़ी चिंता
26 अगस्त को हरियाणवी गायक अंकित बालियान की उत्तर प्रदेश के शामली में हत्या का मामला भी सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, इस हत्या में गोगी गैंग के शूटरों की भूमिका की आशंका जताई गई और जांचकर्ताओं को संदेह था कि इसकी साजिश हरियाणा की जेल के भीतर से रची गई हो सकती है। इस घटना ने कलाकारों की सुरक्षा और आपराधिक गिरोहों के प्रभाव को लेकर भी चिंता बढ़ाई।
पुलिस की कार्रवाई भी जारी
हरियाणा पुलिस ने गैंगस्टर और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई भी तेज की है। सरकार के अनुसार, 2024, 2025 और जुलाई 2026 तक 3,210 गैंग सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।
इसके अलावा 2025-26 के दौरान 19 गैंगस्टरों को विदेश से डिपोर्ट किया गया और 12 अन्य को विदेशों में हिरासत में लिया गया। पुलिस और जांच एजेंसियों की ओर से 144 Look Out Circulars (LOCs) और 50 Red Corner Notices (RCNs) जारी किए गए हैं। इसके अलावा इंटरपोल को 53 संदर्भ भेजे गए हैं।
कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष का सरकार पर हमला
गैंगस्टर धमकियों और रंगदारी के बढ़ते मामलों को लेकर विपक्षी कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को संगठित अपराध और धमकियों में बढ़ोतरी से जोड़ा है।
वहीं, सरकार की ओर से गैंगस्टरों के खिलाफ गिरफ्तारी, विदेशों में कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था जैसे कदमों को अपनी कार्रवाई के तौर पर सामने रखा गया है। विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों से साफ है कि गैंगस्टर धमकियों के कारण बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षा देने की जरूरत पड़ी है।
निष्कर्ष
हरियाणा में गैंगस्टरों से मिल रही धमकियों के बाद 396 लोगों को सुरक्षा दिए जाने का आंकड़ा प्रदेश में संगठित अपराध की चुनौती को सामने रखता है। इनमें 338 कारोबारी होने से यह भी पता चलता है कि रंगदारी और धमकी का दबाव कारोबारी वर्ग पर खास तौर पर बना हुआ है। सरकार ने 691 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया है और गैंगस्टरों के खिलाफ गिरफ्तारी तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। आने वाले समय में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और गैंगस्टर नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना हरियाणा सरकार और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी रहेगी।
