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डहीना की सरपंच पद से हटाई गईं, 3 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक

2 सितंबर 2026 : हरियाणा के रेवाड़ी जिले के डहीना गांव की सरपंच पिंकी को उनके पद से हटा दिया गया है। जिला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, उन्हें अगले तीन वर्षों तक पंचायत चुनाव लड़ने के लिए भी अयोग्य घोषित किया गया है। यह कार्रवाई हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 के तहत की गई है।

रेवाड़ी के उपायुक्त अभिषेक मीणा ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम की धारा 51(3) के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए डहीना ग्राम पंचायत की सरपंच पिंकी को पद से हटाने का आदेश जारी किया। इसके साथ ही उन्हें भविष्य में ग्राम पंचायत की किसी भी बैठक में शामिल नहीं होने के निर्देश दिए गए हैं।

तीन साल तक चुनाव लड़ने पर रोक

जिला प्रशासन के आदेश में सरपंच पिंकी को केवल पद से हटाने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी गई है। उन्हें तीन साल की अवधि के लिए पंचायत चुनाव लड़ने से भी अयोग्य घोषित किया गया है।

यह निर्णय हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 51(4) के तहत लिया गया है। इसका मतलब है कि आदेश के तहत निर्धारित तीन साल की अवधि के दौरान पिंकी पंचायत चुनाव में उम्मीदवार के रूप में हिस्सा नहीं ले सकेंगी।

ग्राम पंचायत की बैठकों में भी नहीं हो सकेंगी शामिल

प्रशासन की ओर से जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पद से हटाए जाने के बाद पिंकी अब डहीना ग्राम पंचायत की बैठकों में हिस्सा नहीं लेंगी।

इस फैसले के बाद पंचायत के कामकाज में उनकी भूमिका समाप्त हो गई है। प्रशासन ने पंचायत से जुड़े अधिकारों और जिम्मेदारियों को आगे की प्रक्रिया के अनुसार संभालने के निर्देश दिए हैं।

पंचायत से जुड़ी संपत्ति और चार्ज सौंपने के निर्देश

आदेश में पंचायत से जुड़े चार्ज और संपत्ति को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं। हरियाणा पंचायती राज अधिनियम की धारा 51(6) के तहत पिंकी के पास ग्राम पंचायत से संबंधित जो भी चार्ज या संपत्ति है, उसे तत्काल उस पंच को सौंपने का आदेश दिया गया है, जिसे पंचायत में सबसे अधिक वोट मिले हैं।

इस निर्देश का उद्देश्य पंचायत के प्रशासनिक कामकाज में किसी तरह का व्यवधान न आने देना है। पद से हटाए जाने के बाद पंचायत से संबंधित रिकॉर्ड, जिम्मेदारियां और संपत्ति अधिकृत व्यक्ति को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

जिला प्रशासन के आदेश के बाद कार्रवाई

जिला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह कार्रवाई सोमवार को जारी आदेश के बाद सामने आई। उपायुक्त ने संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए सरपंच को पद से हटाया और चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया।

प्रशासन के इस फैसले के बाद डहीना ग्राम पंचायत में सरपंच पद को लेकर आगे की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जाएगा। पंचायत के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

पंचायत व्यवस्था में नियमों का महत्व

ग्राम पंचायतें ग्रामीण स्तर पर स्थानीय प्रशासन की महत्वपूर्ण इकाई होती हैं। सरपंच और पंच पंचायत के विकास कार्यों तथा स्थानीय प्रशासन से जुड़े कई कार्यों में भूमिका निभाते हैं। ऐसे में किसी निर्वाचित प्रतिनिधि को पद से हटाने या चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने का फैसला संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत किया जाता है।

डहीना मामले में भी जिला प्रशासन ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम की अलग-अलग धाराओं का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पंचायत प्रतिनिधियों के लिए निर्धारित कानूनी और प्रशासनिक नियमों का पालन जरूरी है।

डहीना पंचायत में आगे क्या होगा?

सरपंच को पद से हटाए जाने के बाद अब ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कामकाज को आगे बढ़ाने के लिए नियमानुसार व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन की ओर से पंचायत के चार्ज और संपत्ति को निर्धारित व्यक्ति को सौंपने का आदेश दिया गया है।

डहीना रेवाड़ी जिले का एक महत्वपूर्ण गांव है और यहां ग्राम पंचायत से जुड़े विकास तथा प्रशासनिक कार्य जारी रहते हैं। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता पंचायत के रोजमर्रा के कामकाज को प्रभावित होने से बचाना होगी।

तीन साल की अयोग्यता का असर

पिंकी के लिए तीन साल तक पंचायत चुनाव लड़ने पर लगी रोक राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस अवधि में वह पंचायत चुनाव में उम्मीदवार के रूप में भाग नहीं ले सकेंगी।

हालांकि, प्रशासन के आदेश में कार्रवाई के कानूनी आधार के रूप में हरियाणा पंचायती राज अधिनियम की धाराओं का उल्लेख किया गया है। आदेश के अनुसार, पद से हटाने और चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की कार्रवाई इन्हीं कानूनी प्रावधानों के तहत की गई है।

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