17 अगस्त 2026 : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जालंधर प्रशासन ने 8 वर्षीय हरनाज कौर कोहली को कम उम्र में खेल के क्षेत्र में शानदार उपलब्धियां हासिल करने के लिए सम्मानित किया। हरनाज ने हाल ही में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी अपना नाम दर्ज कराया है।
कक्षा तीसरी की छात्रा हरनाज ने हुला हूप में शानदार प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने एक रॉड से लटके रहते हुए केवल 25 सेकंड में कमर के चारों ओर हुला हूप 50 बार घुमाया। उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान दिलाया।
स्वतंत्रता दिवस के विशेष अवसर पर हरनाज को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया, पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह और AAP नेता नितिन कोहली ने प्रदान किया। सम्मान मिलने पर हरनाज और उनके परिवार के लिए यह गर्व और खुशी का खास अवसर रहा।
हरनाज की उपलब्धियां केवल हुला हूप तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने स्केटिंग में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। वह विभिन्न स्केटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं और अब तक 18 पदक, जिनमें 12 स्वर्ण पदक शामिल हैं, जीत चुकी हैं।
इतनी कम उम्र में खेलों में लगातार सफलता हासिल करना हरनाज की मेहनत और लगन को दर्शाता है। प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए नियमित अभ्यास और अनुशासन की जरूरत होती है। हरनाज ने खेलों के साथ अपनी पढ़ाई को भी जारी रखा है।
हरनाज बच्चों को मोबाइल और स्क्रीन के अत्यधिक इस्तेमाल से दूर रहने के लिए भी प्रेरित कर रही हैं। वह बच्चों को अधिक सक्रिय रहने और खेलों में भाग लेने का संदेश देती हैं।
आज के समय में बच्चों के बीच मोबाइल फोन और स्क्रीन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में हरनाज जैसी युवा खिलाड़ी बच्चों को खेलों और शारीरिक गतिविधियों की ओर आकर्षित करने के लिए प्रेरणा बन सकती हैं।
खेल बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास, एकाग्रता और टीम भावना विकसित करने में भी मदद करते हैं। कम उम्र में खेलों से जुड़ने वाले बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने का अवसर मिलता है।
हरनाज की उपलब्धि यह भी दिखाती है कि उचित प्रशिक्षण और परिवार के सहयोग से बच्चे छोटी उम्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उनके प्रदर्शन ने जालंधर में युवा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की जरूरत को भी सामने रखा है।
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसर पर युवा खिलाड़ियों को सम्मानित करने से उनका मनोबल बढ़ता है। ऐसे सम्मान बच्चों को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं।
हरनाज के परिवार के लिए भी यह सम्मान विशेष महत्व रखता है। कम उम्र में रिकॉर्ड बनाने और विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के बाद स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्मान मिलना उनके खेल सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है।
हरनाज की कहानी दूसरे बच्चों के लिए भी प्रेरणादायक है। खेलों में आगे बढ़ने के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि नियमित अभ्यास, अनुशासन और लगातार मेहनत भी जरूरी है। हरनाज ने इन सभी पहलुओं के जरिए अपनी पहचान बनाई है।
जालंधर प्रशासन द्वारा युवा प्रतिभा को सम्मानित किए जाने से स्थानीय स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने का सकारात्मक संदेश भी गया है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और पहचान हासिल करने का अवसर मिलता है।
कुल मिलाकर, स्वतंत्रता दिवस पर 8 वर्षीय हरनाज कौर कोहली का सम्मान उनकी खेल प्रतिभा और उपलब्धियों की महत्वपूर्ण पहचान है। हुला हूप में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह बनाने के साथ-साथ स्केटिंग में 18 पदक जीत चुकी हरनाज आने वाले समय में खेलों में और उपलब्धियां हासिल करने की उम्मीद जगाती हैं
