2 अक्टूबर 2026 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली में MSc Physics छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही बाहरी कमेटी को दूसरी बार समय विस्तार दिया गया है। अब कमेटी अपनी रिपोर्ट 10 अक्टूबर 2026 तक सौंपेगी। इससे पहले कमेटी के लिए 30 सितंबर तक रिपोर्ट जमा करने की समयसीमा तय की गई थी।
जांच कमेटी को दूसरी बार मिला विस्तार
IIT दिल्ली ने छात्र की मौत के बाद मामले की स्वतंत्र जांच के लिए बाहरी जांच कमेटी का गठन किया था। शुरुआत में कमेटी को अपनी जांच पूरी करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया था। बाद में इसकी समयसीमा बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी गई थी।
अब कमेटी को एक बार फिर 10 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। संस्थान से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, जांच के दौरान सामने आई कुछ परिस्थितियों के कारण कमेटी ने अतिरिक्त समय मांगा था। इसके बाद रिपोर्ट जमा करने की नई समयसीमा 10 अक्टूबर तय की गई।
जस्टिस मुक्ता गुप्ता की अध्यक्षता में हो रही जांच
वर्तमान बाहरी जांच कमेटी की अध्यक्षता दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस मुक्ता गुप्ता कर रही हैं। इससे पहले कमेटी का नेतृत्व उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार को दिया गया था, लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए कमेटी से खुद को अलग कर लिया था।
इसके बाद IIT दिल्ली ने कमेटी का पुनर्गठन किया और जस्टिस मुक्ता गुप्ता को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया।
कमेटी में कौन-कौन शामिल हैं?
पुनर्गठित कमेटी में जस्टिस मुक्ता गुप्ता के अलावा AIIMS नई दिल्ली के मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रोफेसर प्रताप शरण, चार छात्र प्रतिनिधि और IIT दिल्ली के रजिस्ट्रार अतुल व्यास शामिल हैं। रजिस्ट्रार कमेटी के सचिव और संयोजक की भूमिका में हैं।
कमेटी को छात्रों, शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों से बातचीत करने के साथ-साथ संस्थान की मौजूदा प्रक्रियाओं और प्रोटोकॉल की भी समीक्षा करनी है। इसके आधार पर कमेटी को अपनी रिपोर्ट और आवश्यक सुधारों से जुड़ी सिफारिशें देनी हैं।
अगस्त में हुई थी छात्र की मौत
IIT दिल्ली के MSc Physics छात्र ऋषिकेश कुमार की अगस्त में कैंपस में मौत हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार, वह लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से गिर गए थे। घटना के बाद कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग उठाई थी।
इस घटना के बाद पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू की। दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में FIR दर्ज की थी। पुलिस जांच में घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।
छात्रों के विरोध के बाद बनी थी बाहरी कमेटी
छात्र की मौत के बाद IIT दिल्ली परिसर में कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन हुए थे। छात्रों ने संस्थान की व्यवस्थाओं और घटना से जुड़े परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच की मांग की थी।
इसके बाद संस्थान ने बाहरी विशेषज्ञों वाली जांच कमेटी गठित करने का फैसला किया। IIT दिल्ली ने कहा था कि कमेटी घटना की परिस्थितियों की व्यापक जांच करेगी और छात्र सहायता एवं मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के लिए जरूरी सुझाव भी देगी।
रिपोर्ट का अब 10 अक्टूबर तक इंतजार
पहले कमेटी को दो सप्ताह में रिपोर्ट देनी थी, लेकिन जांच प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण समयसीमा बढ़ानी पड़ी। अब दूसरी बार विस्तार मिलने के बाद कमेटी को 10 अक्टूबर तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
रिपोर्ट में घटना से जुड़ी परिस्थितियों, संस्थान की मौजूदा प्रक्रियाओं और छात्रों की सहायता व्यवस्था की समीक्षा के आधार पर निष्कर्ष और सिफारिशें सामने आने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, IIT दिल्ली छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत की जांच कर रही बाहरी कमेटी को दूसरी बार समय विस्तार मिला है। जस्टिस मुक्ता गुप्ता की अध्यक्षता वाली कमेटी अब 10 अक्टूबर 2026 तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। जांच का उद्देश्य घटना की परिस्थितियों की समीक्षा करने के साथ संस्थान की छात्र सहायता और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए जरूरी सुझाव देना भी है।
