21 सितंबर, 2026 : अमृतसर: बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर अमृतसर में जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA) की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। रविवार को एक निजी स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act, 2012 के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर किया गया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को बच्चों के साथ होने वाले अनुचित व्यवहार को पहचानने, व्यक्तिगत सुरक्षा बनाए रखने और किसी भी तरह के दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने के महत्व के बारे में बताया गया।
उन्हें समझाया गया कि यदि किसी बच्चे के साथ गलत व्यवहार या दुर्व्यवहार होता है, तो मामले को छिपाने के बजाय समय पर उचित अधिकारियों और उपलब्ध सहायता व्यवस्था तक पहुंचना जरूरी है।
POCSO Act के प्रावधानों की दी जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम में POCSO Act, 2012 से जुड़े प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिए उपलब्ध कानूनी सुरक्षा और अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने और समाज में बाल सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा।
गलत व्यवहार को पहचानना जरूरी
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि बच्चों की सुरक्षा केवल किसी घटना के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं होनी चाहिए। बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को संभावित अनुचित व्यवहार को पहचानने और समय रहते उसके खिलाफ कदम उठाने के लिए जागरूक रहना जरूरी है।
प्रतिभागियों को बच्चों की व्यक्तिगत सुरक्षा और अपनी बात खुलकर रखने के महत्व के बारे में भी बताया गया।
समय पर शिकायत और सहायता लेने पर जोर
DLSA की ओर से लोगों को कानूनी अधिकारों और उपलब्ध उपायों के बारे में जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि किसी अपराध या दुर्व्यवहार की स्थिति में समय पर रिपोर्ट करना महत्वपूर्ण है, ताकि संबंधित अधिकारी आवश्यक कार्रवाई कर सकें।
प्रतिभागियों को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी साझा करने और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध सहायता व्यवस्था का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
बच्चों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी
कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार या स्कूल की जिम्मेदारी नहीं है। माता-पिता, शिक्षक, शैक्षणिक संस्थान और समाज के अन्य लोगों की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है।
बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए सभी पक्षों को सतर्क रहने और सुरक्षित वातावरण बनाने में योगदान देने की जरूरत है।
DLSA सचिव अमरदीप सिंह बैंस ने की अध्यक्षता
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव अमरदीप सिंह बैंस ने की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी देकर सशक्त बनाना है।
उन्होंने समय पर अपराधों की रिपोर्टिंग और बच्चों की सुरक्षा एवं कल्याण से जुड़े कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जागरूकता से मजबूत होगी बाल सुरक्षा
ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों और अधिकारों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। POCSO Act के प्रावधानों की जानकारी होने से अभिभावकों, शिक्षकों और अन्य लोगों को बच्चों से जुड़े मामलों में उपलब्ध कानूनी सुरक्षा और सहायता व्यवस्था को समझने में मदद मिल सकती है।
DLSA ने लोगों को बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और किसी भी तरह के दुर्व्यवहार की स्थिति में उचित माध्यम से समय पर सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
