24 अप्रैल 2026 : रामधारी सिंह दिनकर की 52वीं पुण्यतिथि के अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके साहित्यिक योगदान को याद किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर जी हिंदी साहित्य के महान स्तंभ थे, जिनकी रचनाएं आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आज से उनकी प्रसिद्ध कृति रश्मिरथी के हीरक जयंती वर्ष पर्व की शुरुआत की जा रही है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘रश्मिरथी’ न केवल एक साहित्यिक कृति है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और मूल्यों का प्रतीक भी है।
उन्होंने लोगों से दिनकर की रचनाओं को पढ़ने और उनसे प्रेरणा लेने की अपील की।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिनकर की रचनाएं समाज और राष्ट्र के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां साहित्य प्रेमियों ने दिनकर जी को श्रद्धांजलि दी।
दिनकर को ‘राष्ट्रकवि’ के रूप में भी जाना जाता है और उनका साहित्य हिंदी जगत में विशेष स्थान रखता है।
कुल मिलाकर उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए ‘रश्मिरथी’ के हीरक जयंती वर्ष की शुरुआत एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल मानी जा रही है।
