24 सितंबर 2026 दिल्ली सरकार ने महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए DURGA योजना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। योजना के पहले चरण में कुल 1,300 पिंक इलेक्ट्रिक ऑटो आवंटित किए जाएंगे। इनमें 1,170 ई-ऑटो महिलाओं और 130 ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए आरक्षित होंगे।
क्या है DURGA योजना?
DURGA का पूरा नाम Driving Upliftment and Rozgar for Women/Transgender Green E-Auto है। योजना का उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को इलेक्ट्रिक ऑटो का मालिक और चालक बनने का अवसर देकर स्वरोजगार से जोड़ना है।
दिल्ली सरकार के अनुसार, यह योजना महिलाओं की सुरक्षा, ट्रांसजेंडर समुदाय की परिवहन क्षेत्र में भागीदारी, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने से जुड़ी है।
1,300 ई-ऑटो में किसे कितना हिस्सा मिलेगा?
योजना के पहले चरण में 1,300 पिंक ई-ऑटो उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें 1,170 महिलाओं और 130 ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए निर्धारित किए गए हैं।
इनका वितरण दिल्ली के 13 राजस्व जिलों में किया जाएगा। प्रत्येक राजस्व जिले में अधिकतम 90 ई-ऑटो महिलाओं और 10 ई-ऑटो ट्रांसजेंडर लाभार्थियों को दिए जा सकेंगे।
महिलाओं के लिए क्या है पात्रता?
DURGA योजना के तहत आवेदन करने वाली महिलाओं के लिए कुछ पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। महिला आवेदक की उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह दिल्ली की निवासी होनी चाहिए।
इसके अलावा उसके पास वैध वोटर आईडी, LMV ड्राइविंग लाइसेंस और Public Service Vehicle (PSV) Badge होना जरूरी होगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 में आवेदक के परिवार की कुल आय 5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
आवेदक या उसके परिवार के नाम पर कोई पंजीकृत परिवहन वाहन या थ्री-व्हीलर नहीं होना चाहिए। इसके अलावा तीन से अधिक बच्चों वाली महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।
ट्रांसजेंडर आवेदकों के लिए भी अवसर
DURGA योजना में ट्रांसजेंडर समुदाय को भी शामिल किया गया है। ट्रांसजेंडर आवेदकों के लिए भी उम्र सीमा 20 से 40 वर्ष रखी गई है। उन्हें दिल्ली का निवासी होने के साथ वोटर आईडी, LMV ड्राइविंग लाइसेंस और PSV बैज रखना होगा।
इसके अतिरिक्त दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से जारी वैध ट्रांसजेंडर प्रमाणपत्र भी आवश्यक होगा।
तीन साल तक नहीं बेच सकेंगे ई-ऑटो
योजना के तहत मिलने वाले ई-ऑटो पर तीन साल की अनिवार्य लॉक-इन अवधि लागू होगी। इस दौरान लाभार्थी वाहन को बेच, ट्रांसफर या किसी अन्य तरीके से दूसरे व्यक्ति को नहीं दे सकेंगे।
ई-ऑटो पर विशेष DURGA ब्रांडिंग और पहचान चिन्ह भी होंगे, जिससे यात्री इन्हें आसानी से पहचान सकेंगे।
70 मेट्रो स्टेशनों पर चार्जिंग सुविधा
इलेक्ट्रिक ऑटो के संचालन के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी योजना से जोड़ा गया है। अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली मेट्रो के 70 स्टेशनों के पार्किंग क्षेत्रों में ईवी चार्जिंग सुविधाओं के लिए जगह उपलब्ध कराई गई है।
रोजगार के साथ लास्ट-माइल कनेक्टिविटी पर जोर
सरकार का कहना है कि DURGA योजना से केवल लाभार्थियों को स्वरोजगार का अवसर नहीं मिलेगा, बल्कि दिल्ली के परिवहन नेटवर्क में भी महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय की भागीदारी बढ़ेगी।
सरकार के मुताबिक, विशेष रूप से सुबह जल्दी और देर शाम यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए ये ई-ऑटो एक अतिरिक्त परिवहन विकल्प उपलब्ध करा सकते हैं। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल से स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।
दूसरे क्षेत्रों में भी बन सकते हैं रोजगार के अवसर
DURGA योजना का असर केवल ई-ऑटो चलाने तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है। सरकार के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने से रिपेयर और सर्विसिंग, चार्जिंग सुविधाओं तथा बैटरी रीसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। योजना के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव का समय-समय पर आकलन भी किया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन के लिए बनेगा पोर्टल
पात्र लाभार्थियों से आवेदन लेने के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जाएगा। कैबिनेट ने योजना को मंजूरी दे दी है, जबकि आवेदन पोर्टल शुरू होने के बाद पात्र लोग आवेदन कर सकेंगे।
