25 सितंबर 2026 दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल में हुए एक प्रदर्शन को लेकर एक 25 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी निजी तस्वीर का इस्तेमाल बिना अनुमति के किया गया और AI आधारित फेस-स्वैप तकनीक के जरिए उसकी तस्वीर को मॉर्फ कर बैनर और पोस्टर पर प्रदर्शित किया गया। महिला की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला ने बिना सहमति फोटो इस्तेमाल करने का लगाया आरोप
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान उसकी निजी तस्वीर का इस्तेमाल किया गया। महिला का कहना है कि उसकी तस्वीर को डिजिटल तरीके से बदलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ जोड़ा गया और इसके बाद कथित तौर पर इसे बैनर और पोस्टर के रूप में इस्तेमाल किया गया।
महिला ने अपनी शिकायत में दावा किया कि उसका संबंधित प्रदर्शन या संगठन से कोई संबंध नहीं है और उसकी तस्वीर का इस्तेमाल उसकी अनुमति के बिना किया गया।
AI फेस-स्वैप तकनीक के इस्तेमाल का दावा
शिकायत के मुताबिक, महिला की तस्वीर को AI आधारित फेस-स्वैप टूल की मदद से बदलकर एक ऐसी तस्वीर तैयार की गई, जिसे प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया। महिला ने आरोप लगाया कि इस तस्वीर को बड़े बैनर और पोस्टर पर लगाया गया और प्रदर्शन स्थल पर लोगों के सामने दिखाया गया।
पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता ने मामले से संबंधित तस्वीरें और वीडियो भी जांच अधिकारियों को उपलब्ध कराए हैं। इन सामग्री के आधार पर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित करने का भी आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर बैनर और पोस्टर प्रदर्शित करने के अलावा उनके वीडियो भी बनाए गए। शिकायत में दावा किया गया है कि इन वीडियो को बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल पर उसके खिलाफ आपत्तिजनक और अशोभनीय टिप्पणियां की गईं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई FIR
दिल्ली पुलिस ने 24 सितंबर को नई दिल्ली स्थित साइबर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की। मामला सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, FIR फिलहाल अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई है। जांच के दौरान कथित तस्वीर बनाने, उसे प्रिंट कराने, सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
CJP प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
यह मामला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से जंतर-मंतर पर आयोजित एक हालिया प्रदर्शन से जुड़ा बताया जा रहा है। महिला ने अपनी शिकायत में संगठन से जुड़े कुछ लोगों और आयोजकों के नामों का उल्लेख किया है तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, पुलिस द्वारा दर्ज FIR में फिलहाल आरोपियों को अज्ञात बताया गया है। इसलिए शिकायत में लगाए गए आरोपों और किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी के बीच अंतर बनाए रखना महत्वपूर्ण है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित तस्वीर किसने तैयार की, किसने बैनर बनवाए और इसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित या ऑनलाइन प्रसारित करने में किन लोगों की भूमिका थी।
पुलिस सभी पहलुओं से कर रही जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। इसमें कथित AI-मॉर्फ्ड तस्वीर के निर्माण से लेकर उसके प्रिंट और प्रदर्शन स्थल पर इस्तेमाल तथा सोशल मीडिया पर प्रसार तक की गतिविधियों की जांच शामिल है।
पुलिस ने शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराई गई तस्वीरों और वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
AI के गलत इस्तेमाल को लेकर बढ़ी चिंता
इस मामले ने एक बार फिर AI आधारित फेस-स्वैप और डिजिटल मॉर्फिंग तकनीक के दुरुपयोग को लेकर चिंता सामने रखी है। किसी व्यक्ति की तस्वीर में डिजिटल तरीके से बदलाव कर उसे अलग संदर्भ में इस्तेमाल करने से उसकी निजी जिंदगी और सार्वजनिक छवि प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है। FIR दर्ज होना अपने आप में किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। कथित डिजिटल सामग्री के स्रोत और उसे तैयार तथा प्रसारित करने वालों की पहचान जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
