3 अगस्त, 2026 : हरियाणा में कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की आपूर्ति को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई है। इस बीच संबंधित निदेशालय द्वारा चावल की आपूर्ति की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने के बाद राइस मिलर्स और संबंधित एजेंसियों के बीच नई समयसीमा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, संशोधित समयसीमा जारी होने के बाद विभिन्न पक्षों में इसकी व्याख्या को लेकर असमंजस देखा जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि नई समयसीमा का उद्देश्य लंबित आपूर्ति प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करना है।
अंतिम तिथि बढ़ने से बढ़ी चर्चा
निदेशालय द्वारा समयसीमा बढ़ाने के फैसले के बाद राइस मिलर्स और खरीद एजेंसियां नई व्यवस्था के अनुसार अपनी तैयारियां कर रही हैं। कई हितधारकों ने प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग भी उठाई है।
अधिकारियों ने दिए निर्देश
संबंधित अधिकारियों ने कहा कि सभी पक्ष संशोधित समयसीमा का पालन करें और कस्टम मिल्ड राइस की आपूर्ति निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी करें। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे।
समय पर आपूर्ति पर जोर
सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए चावल की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने कहा कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
