17 सितंबर, 2026 : उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता प्रो. राम आसरे कुशवाहा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) छोड़कर एक बार फिर समाजवादी पार्टी (SP) का दामन थाम लिया है। गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को उन्होंने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इसके साथ ही करीब 13 साल बाद उनकी सपा में वापसी हुई है।
राम आसरे कुशवाहा उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वह राज्य सरकार में छह बार मंत्री रह चुके हैं और पिछड़े वर्ग की राजनीति में उनकी पहचान एक प्रमुख नेता के तौर पर रही है। सपा में शामिल होने से पहले वह भारतीय जनता पार्टी में थे। उनकी वापसी ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।
13 साल बाद फिर सपा में वापसी
राम आसरे कुशवाहा पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं। वर्ष 2013 में उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पद से हटा दिया गया था। इसके बाद उन्होंने सपा से अलग राजनीतिक राह अपनाई और बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।
अब करीब 13 साल बाद उन्होंने BJP छोड़कर दोबारा समाजवादी पार्टी की सदस्यता ले ली है। इस तरह उनका राजनीतिक सफर एक बार फिर सपा तक पहुंचा है।
बसपा से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर
राम आसरे कुशवाहा का राजनीतिक सफर बहुजन समाज पार्टी से शुरू हुआ था। वर्ष 1996 में उन्होंने कानपुर के सरसौल विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया था।
इसके बाद वह समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। सपा में उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली और वह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भी बने। उन्हें समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के करीबी नेताओं में भी गिना जाता रहा है।
छह बार रह चुके हैं मंत्री
राम आसरे कुशवाहा उत्तर प्रदेश सरकार में कुल छह बार मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने अलग-अलग सरकारों में मंत्री के रूप में जिम्मेदारियां संभाली हैं। 1997 में वह कल्याण सिंह सरकार में अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री बने थे।
राजनीति के अलावा वह संगठन और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं। वह कुशवाहा कल्याण परिषद के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश कला मंच के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
2013 में सपा से अलग हुई थी राह
साल 2013 में राम आसरे कुशवाहा सपा के राष्ट्रीय महासचिव थे। उस दौरान उनके कुछ बयानों और पार्टी से अलग रुख को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद उन्हें संगठन के पद से हटा दिया गया और बाद में वह सपा से भी अलग हो गए।
इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में प्रवेश किया। अब 2026 में उन्होंने BJP छोड़कर फिर समाजवादी पार्टी में वापसी की है।
सपा में वापसी के बाद क्या बोले?
सपा में दोबारा शामिल होने के बाद राम आसरे कुशवाहा ने पार्टी के पुराने दौर को याद किया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी को मजबूत करने की बात कही।
उनकी वापसी को उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, उनके सपा में शामिल होने का चुनावी प्रभाव कितना होगा, इसका आकलन अभी करना जल्दबाजी होगी।
OBC राजनीति में रही है पहचान
राम आसरे कुशवाहा की राजनीतिक पहचान पिछड़े वर्ग, खासकर कुशवाहा समुदाय से जुड़े नेता के तौर पर रही है। उन्होंने लंबे समय तक उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई है।
सपा में पहले भी उन्हें संगठन में कुशवाहा समाज को पार्टी से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई थी। ऐसे में उनकी वापसी को राज्य की सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
राम आसरे कुशवाहा की सपा में वापसी ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो रही हैं। अलग-अलग दलों में नेताओं के आने-जाने का सिलसिला भी जारी है।
कुशवाहा की वापसी से उनके समर्थकों और सपा संगठन में उनकी आगे की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि पार्टी में उन्हें कौन सी जिम्मेदारी दी जाएगी, इस बारे में फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
