3 सितंबर 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को संबोधित करते हुए कहा कि वे इस आपदा की घड़ी में अकेले नहीं हैं और सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने जिले के बाढ़ प्रभावित 102 गांवों के लोगों की समस्याओं को लेकर संवेदनशीलता जताई और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।
1,000 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद में करीब 1,000 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। इसके साथ ही बाढ़ के कारण बेघर हुए परिवारों को जमीन के आवंटन के प्रमाणपत्र भी दिए गए। प्रभावित परिवारों को राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) से आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक उनकी जरूरत के अनुसार सहायता समय पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन की ओर से किए जा रहे राहत कार्यों की भी जानकारी ली।
‘आप अकेले नहीं हैं’, CM योगी ने दिया भरोसा
बाढ़ पीड़ितों को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह यह भरोसा दिलाने आए हैं कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित लोग अकेले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों की जरूरतों के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 102 प्रभावित गांवों के लोगों की स्थिति को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उनके अनुसार, स्थानीय जनप्रतिनिधि पिछले करीब 15 दिनों से प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों को तेज करने में जुटे हुए हैं।
तीनों बाढ़ प्रभावित तहसीलों का किया दौरा
योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद जिले की तीनों बाढ़ प्रभावित तहसीलों—सदर, कायमगंज और अमृतपुर—का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया और राहत एवं बचाव अभियान को लेकर अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों में किसी भी तरह की कमी नहीं रहने देने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए।
चौबीसों घंटे कंट्रोल रूम और राहत शिविर
मुख्यमंत्री के मुताबिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चौबीसों घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियां और राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। जिन परिवारों के घर पानी में डूब गए हैं, उनके लिए भोजन और रहने की व्यवस्था भी की गई है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने का काम लगातार जारी है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के सहयोग से जरूरतमंद परिवारों तक सामग्री पहुंचाई जा रही है।
करीब 50 किलो की राहत किट में जरूरी सामान
बाढ़ प्रभावित परिवारों को दी जा रही राहत किट का वजन करीब 50 किलो बताया गया है। इसमें रोजमर्रा की जरूरत का सामान शामिल है। किट में 10-10 किलो चावल, आटा और आलू के अलावा करीब 2 किलो अरहर की दाल दी जा रही है।
इसके साथ चना, लाई, तेल, मसाले, बाल्टी, रेनकोट और महिलाओं के लिए जरूरी सामग्री वाली डिग्निटी किट भी शामिल है। सरकार के अनुसार, इस तरह की राहत सामग्री का उद्देश्य बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों की तत्काल जरूरतों को पूरा करना है।
बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी जोर
बाढ़ के कारण प्रभावित बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए राहत शिविरों और गांवों में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए स्वास्थ्य शिविर भी लगाए गए हैं।
बाढ़ जैसी आपदा के दौरान भोजन और आवास के साथ स्वास्थ्य सेवाएं भी महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
स्थायी समाधान के लिए गंगा की ड्रेजिंग पर विचार
फर्रुखाबाद में बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर भी मुख्यमंत्री ने संकेत दिए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में गंगा की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन के प्रस्ताव की जांच कराने की बात कही।
सरकार का मानना है कि बाढ़ की समस्या से लंबे समय तक राहत के लिए केवल तत्काल राहत सामग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि नदी और जल निकासी व्यवस्था से जुड़े स्थायी उपायों पर भी काम करना जरूरी है।
प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर भी नजर
बाढ़ के कारण जिन परिवारों के घर प्रभावित हुए हैं, उनके पुनर्वास और सहायता को लेकर भी सरकार की ओर से कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बेघर हुए परिवारों को जमीन के आवंटन के प्रमाणपत्र और आपदा राहत निधि से आर्थिक सहायता प्रदान की।
सरकार की कोशिश है कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद प्रभावित परिवारों को सामान्य जीवन में लौटने में ज्यादा परेशानी न हो।
102 गांवों के लोगों को मदद का भरोसा
फर्रुखाबाद में बाढ़ से प्रभावित 102 गांवों को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इन सभी क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
मुख्यमंत्री के दौरे से बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच प्रशासनिक राहत कार्यों को लेकर भरोसा बढ़ाने की कोशिश भी हुई है। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में राहत, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और पुनर्वास से जुड़े कार्य जारी हैं।
