3 सितंबर 2026 पंजाब में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित महंगाई भत्ते (DA) को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान के कर्मचारियों से बातचीत के लिए तैयार होने का दावा किया गया है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश महासचिव और मीडिया प्रभारी बलतेज सिंह पन्नू ने कहा कि कर्मचारी संगठन जब चाहेंगे, मुख्यमंत्री उनके साथ बैठक करने के लिए तैयार हैं। इससे लंबे समय से चल रहे गतिरोध के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकलने की उम्मीद बढ़ी है।
DA बकाया को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी
पंजाब के सरकारी कर्मचारी और पेंशनर लंबे समय से लंबित DA और अन्य मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। 27 अगस्त को बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबित DA बकाया जारी करना, पुरानी पेंशन योजना से जुड़े मुद्दे और अन्य सेवा संबंधी मांगें शामिल हैं।
अब कर्मचारी संगठनों ने 8 सितंबर को दोबारा बड़े स्तर पर सामूहिक अवकाश और विरोध की घोषणा की है। ऐसे में सरकार की ओर से बातचीत का संदेश सामने आने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
CM मान से बातचीत की पेशकश
बलतेज सिंह पन्नू ने पटियाला में कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान कर्मचारियों को अपना ही परिवार मानते हैं और उनकी समस्याओं पर बातचीत के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जब कर्मचारी संगठन चाहेंगे, तब मुख्यमंत्री के साथ बैठक की जा सकती है।
पन्नू ने यह भी कहा कि सरकार DA के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट गई है और यह उसका कानूनी अधिकार है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत के माध्यम से कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों का जल्द समाधान निकाला जा सकता है।
तीन मंत्रियों ने संभाली बातचीत की जिम्मेदारी
इसी बीच पंजाब सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों तक पहुंच बनाने के लिए तीन वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों को आगे किया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, उद्योग एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री अमन अरोड़ा और सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने संयुक्त रूप से सरकार का पक्ष रखा और कर्मचारी संगठनों से बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की।
सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब 8 सितंबर के प्रस्तावित विरोध को लेकर कर्मचारियों और सरकार के बीच तनाव बना हुआ है।
सरकार ने DA को लेकर क्या कहा?
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के अनुसार, पंजाब सरकार अपनी कुल राजस्व आय का करीब 51 प्रतिशत हिस्सा वेतन और पेंशन पर खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि यह अनुपात राज्यों के राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
चीमा ने बताया कि 2022 के बाद सरकार ने DA में कुल 14 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी तीन चरणों में की। अक्टूबर 2022 में DA को 28 से बढ़ाकर 34 प्रतिशत, दिसंबर 2023 में 38 प्रतिशत और नवंबर 2024 में 42 प्रतिशत किया गया था।
₹14,191 करोड़ के बकाये का मामला
पंजाब सरकार के मुताबिक, DA बकाये की कुल देनदारी करीब ₹14,191 करोड़ है। सरकार का कहना है कि यह देनदारी पिछली सरकारों से विरासत में मिली है। हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने इस देनदारी को खत्म करने के लिए योजना बनाई और कर्मचारियों व पेंशनरों को अब तक ₹4,500 करोड़ से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है।
सरकार के अनुसार, बकाये का भुगतान किस्तों में किया जा रहा है और आगे भी इसी प्रक्रिया के तहत भुगतान किया जाएगा।
हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार
DA विवाद अब कानूनी स्तर पर भी पहुंच चुका है। पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 3 अगस्त के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित DA और महंगाई राहत (DR) का भुगतान करने का निर्देश दिया था। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी है कि ₹14,191 करोड़ की राशि को निर्धारित कम समय में जारी करना कानूनी और वित्तीय रूप से संभव नहीं है।
कर्मचारियों और सरकार के बीच बढ़ा था तनाव
27 अगस्त के विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच तनाव बढ़ गया था। उस दिन कर्मचारियों की मुख्यमंत्री के साथ प्रस्तावित बैठक भी नहीं हो सकी थी। मुख्यमंत्री ने उस समय कहा था कि बातचीत और हड़ताल एक साथ नहीं चल सकती और प्रदर्शन खत्म होने के बाद ही बातचीत हो सकती है।
अब सरकार की ओर से फिर बातचीत की पेशकश सामने आने से दोनों पक्षों के बीच गतिरोध कम होने की संभावना जताई जा रही है।
8 सितंबर के प्रदर्शन पर नजर
कर्मचारी संगठनों ने 8 सितंबर को फिर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच बैठक महत्वपूर्ण हो सकती है। यदि बातचीत के दौरान DA बकाया और अन्य मांगों पर कोई सहमति बनती है, तो प्रस्तावित आंदोलन को लेकर भी स्थिति बदल सकती है।
सरकार की ओर से कर्मचारियों को बातचीत के लिए आमंत्रित करने के साथ-साथ यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों की जायज मांगों को सुना जाएगा। वहीं कर्मचारी संगठन लंबित DA सहित अपनी मांगों के समाधान पर जोर दे रहे हैं।
सरकार और कर्मचारियों के बीच समाधान की उम्मीद
DA का मुद्दा पंजाब में बड़ी संख्या में कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़ा है। सरकार के अनुसार करीब 7.50 लाख कर्मचारी और पेंशनर इस पूरे विवाद से प्रभावित पक्ष हैं। ऐसे में बातचीत के जरिए समाधान निकालना दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल मुख्यमंत्री भगवंत मान के बातचीत के लिए तैयार होने के दावे और तीन मंत्रियों की ओर से कर्मचारी संगठनों से संवाद की पहल के बाद सभी की नजर आगामी बैठक पर है। कर्मचारियों की मांगें, सरकार की वित्तीय स्थिति और अदालत में चल रही कानूनी प्रक्रिया—इन तीनों के बीच संतुलन बनाना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है।
