19 सितंबर, 2026 : चंडीगढ़ ट्राइसिटी देश के उन 11 उभरते रियल एस्टेट बाजारों में शामिल हो गया है, जिन्हें भारत में प्रॉपर्टी ग्रोथ के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। CII और Knight Frank India की संयुक्त रिपोर्ट ‘India’s Next Real Estate Markets’ के मुताबिक, इन 11 बाजारों में 2021 से 2026 के बीच आवासीय संपत्तियों की कीमतों में औसतन 63 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
यह बढ़ोतरी भारत के आठ प्रमुख मेट्रो शहरों में दर्ज 42 प्रतिशत की वृद्धि से अधिक है। रिपोर्ट में चंडीगढ़ ट्राइसिटी के साथ भोपाल, भुवनेश्वर, गोवा, इंदौर, जयपुर, कोच्चि, लखनऊ, नागपुर, विशाखापत्तनम और कोयंबटूर को उभरते रियल एस्टेट बाजारों के रूप में शामिल किया गया है।
11 शहरों में 8% की औसत सालाना ग्रोथ
रिपोर्ट के अनुसार, 2016 से 2026 के बीच इन 11 उभरते बाजारों में आवासीय कीमतों की औसत वार्षिक चक्रवृद्धि दर यानी CAGR करीब 8 प्रतिशत रही। इसके मुकाबले मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली-NCR, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे, अहमदाबाद और कोलकाता जैसे आठ बड़े शहरों में यह दर 4 प्रतिशत रही।
इससे संकेत मिलता है कि रियल एस्टेट का विकास अब केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रह गया है। छोटे और उभरते शहरों में भी इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ प्रॉपर्टी बाजार तेजी पकड़ रहे हैं।
चंडीगढ़ ट्राइसिटी में ₹7,500 से ₹10,500 प्रति वर्ग फुट तक कीमत
Knight Frank के आंकड़ों के मुताबिक, चंडीगढ़ ट्राइसिटी में आवासीय संपत्तियों की कीमत करीब ₹7,500 से ₹10,500 प्रति वर्ग फुट के बीच है। यह 11 उभरते बाजारों में सबसे ऊंची कीमतों वाली जगहों में शामिल है।
गोवा में आवासीय कीमतों की रेंज ₹11,500 से ₹13,500 प्रति वर्ग फुट बताई गई है, जबकि जयपुर और कोच्चि में यह लगभग ₹7,000 से ₹9,000 प्रति वर्ग फुट है।
चंडीगढ़ में स्टांप ड्यूटी कलेक्शन भी बढ़ा
चंडीगढ़ के स्थानीय आंकड़े भी प्रॉपर्टी बाजार में बढ़ती गतिविधि की ओर इशारा करते हैं। Chandigarh Estate Office के रिकॉर्ड के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में स्टांप ड्यूटी से ₹348.23 करोड़ का रिकॉर्ड कलेक्शन हुआ।
वित्त वर्ष 2023-24 में यह राशि ₹247.02 करोड़ थी। इस तरह स्टांप ड्यूटी कलेक्शन में करीब 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
हालांकि, इसी अवधि में रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी दस्तावेजों की संख्या 12,040 से घटकर 7,311 रह गई। यानी रजिस्ट्रेशन की संख्या में करीब 39 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बावजूद कुल लेनदेन मूल्य करीब ₹6,881 करोड़ रहा।
बड़े प्रॉपर्टी सौदों ने भी खींचा ध्यान
चंडीगढ़ में हाल के वर्षों में कई बड़े प्रॉपर्टी सौदे भी सामने आए हैं। Estate Office के रिकॉर्ड के अनुसार, सेक्टर 9-A में 4,247 वर्ग गज के एक मकान का अगस्त 2025 में ₹126 करोड़ में रजिस्ट्रेशन हुआ था। यह शहर का अब तक का सबसे बड़ा आवासीय प्रॉपर्टी सौदा बताया गया है।
इसी क्षेत्र में करीब चार महीने बाद 2,987 वर्ग गज के एक अन्य मकान का सौदा ₹108.5 करोड़ में हुआ। वहीं Industrial Area स्थित Nexus Elante Mall की एक कमर्शियल यूनिट ₹125.44 करोड़ में रजिस्टर्ड हुई।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से मिल रहा बाजार को सहारा
CII-Knight Frank रिपोर्ट के मुताबिक, उभरते शहरों में रियल एस्टेट बाजार की ग्रोथ के पीछे इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, बेहतर कनेक्टिविटी और बढ़ती खपत महत्वपूर्ण कारण हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2015 में सरकार के कुल कैपिटल एक्सपेंडिचर में इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च की हिस्सेदारी 39 प्रतिशत थी, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 55 प्रतिशत हो गई। इसके अलावा सरकार के पास तीन साल की अवधि के लिए 852 पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप परियोजनाओं की पाइपलाइन है, जिनकी कुल अनुमानित लागत ₹17 लाख करोड़ है।
प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों के साथ अफोर्डेबिलिटी की चुनौती
हालांकि चंडीगढ़ ट्राइसिटी में प्रॉपर्टी की कीमतों में तेजी बाजार की मजबूती को दिखाती है, लेकिन इससे आम खरीदारों के लिए घर खरीदना चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है।
The Tribune की रिपोर्ट के मुताबिक, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर 63 स्थित दो बेडरूम फ्लैट की इस महीने हुई नीलामी में कीमत ₹1.92 करोड़ तक पहुंच गई। वहीं 14 में से 12 संपत्तियों को कोई बोली नहीं मिली। इससे पता चलता है कि ऊंची कीमतों के बावजूद हर प्रॉपर्टी के लिए खरीदारों की मांग समान नहीं है।
Tier-2 और Tier-3 शहरों की बढ़ रही भूमिका
Knight Frank India के मुताबिक, भारत का रियल एस्टेट विकास धीरे-धीरे पारंपरिक महानगरों से आगे बढ़ रहा है। छोटे और मध्यम शहरों में रोजगार, कारोबार, जनसंख्या वृद्धि, खपत और शहरी सुविधाओं का विस्तार होने से इन बाजारों में आवासीय और व्यावसायिक मांग बढ़ सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, देश के शीर्ष आठ महानगरों के बाहर के शहरों में आबादी में 28.2 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है, जबकि आठ बड़े शहरों में यह वृद्धि 8.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
भविष्य की ग्रोथ रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर निर्भर
रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पिछले पांच वर्षों में 63 प्रतिशत कीमत बढ़ना भविष्य में भी इतनी ही वृद्धि की गारंटी नहीं है। आगे की रियल एस्टेट ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि शहरों में रोजगार, कारोबार, इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी सुविधाओं का विस्तार किस गति से होता है।
चंडीगढ़ ट्राइसिटी के लिए सीमित जमीन, नियोजित विकास और कनेक्टिविटी जैसे कारक बाजार की मांग को प्रभावित करते रह सकते हैं। वहीं बढ़ती कीमतों के बीच अफोर्डेबल हाउसिंग की उपलब्धता भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनी रहेगी।
