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विदेश में लंबे इंतजार के बाद पंजाब के दो लोगों की घर वापसी, संत सीचेवाल के हस्तक्षेप से मिली मदद

19 सितंबर, 2026 : विदेश में लंबे समय से फंसे पंजाब के दो लोगों की आखिरकार भारत वापसी हो गई। राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल के हस्तक्षेप और संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क के बाद तरनतारन जिले के राजिंदरपाल सिंह और अमृतसर के जसबीर सिंह अपने परिवारों के पास लौट सके। दोनों अलग-अलग परिस्थितियों के कारण लंबे समय तक विदेश में फंसे हुए थे।

करीब तीन साल बाद घर लौटे राजिंदरपाल

तरनतारन जिले के राजिंदरपाल सिंह 31 अगस्त 2026 को भारत लौटे। वह करीब तीन साल तक विदेश में रहे। उनके परिवार ने उनकी वापसी के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए थे। परिवार के अनुसार, उन्होंने 8 दिसंबर को संत सीचेवाल से संपर्क कर मामले में मदद मांगी थी।

परिवार ने बताया कि राजिंदरपाल ने विदेश में अपनी सजा पूरी कर ली थी, लेकिन इसके बाद भी भारत लौटने में उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। एक समय उनकी वापसी लगभग तय हो गई थी, लेकिन दस्तावेजों को लेकर आपत्ति के बाद उन्हें एयरपोर्ट से वापस जेल ले जाया गया। इससे परिवार की चिंता और बढ़ गई थी।

परिवार को झेलना पड़ा भावनात्मक संकट

राजिंदरपाल की लंबे समय तक विदेश में मौजूदगी के दौरान उनके परिवार को आर्थिक और भावनात्मक परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान उनके एक बच्चे की मौत भी हो गई। परिवार के लिए यह समय बेहद कठिन रहा, क्योंकि वह अपने बेटे की घर वापसी का इंतजार कर रहे थे।

राजिंदरपाल के बुजुर्ग माता-पिता भी लगातार अपने बेटे की वापसी की उम्मीद लगाए बैठे थे। भारत लौटने के बाद उन्होंने सुल्तानपुर लोधी स्थित निर्मल कुटिया में अपनी आपबीती साझा की।

कंपनी से जुड़े मामले में गिरफ्तारी का दावा

राजिंदरपाल के अनुसार, उन्हें एक ऐसे मामले में गिरफ्तार किया गया था जिसमें उनकी कंपनी से जुड़े ट्रकों में ले जाए जा रहे सामान से कुछ वस्तुएं बरामद होने की बात सामने आई थी। उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि कंपनी से जुड़े दस्तावेजों के कारण उन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा।

उन्होंने बताया कि सजा पूरी होने के बाद भी दस्तावेज और प्रत्यावर्तन से जुड़ी परेशानियों के कारण उनकी भारत वापसी तुरंत संभव नहीं हो सकी। जेल में बिताए समय को उन्होंने बेहद कठिन बताया।

संत सीचेवाल ने विदेश मंत्रालय से उठाया मामला

परिवार की अपील के बाद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने मामले को विदेश मंत्रालय और संबंधित भारतीय दूतावास के सामने उठाया। उनकी ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क और समन्वय के बाद राजिंदरपाल की भारत वापसी संभव हो सकी।

घर लौटने के बाद उनके परिवार ने राहत की सांस ली और संत सीचेवाल के प्रयासों के लिए उनका आभार जताया।

आठ महीने बाद भारत पहुंचे जसबीर सिंह

अमृतसर के जसबीर सिंह की भी लंबे इंतजार के बाद भारत वापसी हुई। वह करीब आठ महीने तक विदेश में फंसे रहे। उनके परिवार ने 7 जनवरी को संत सीचेवाल से संपर्क कर मदद मांगी थी।

परिवार के अनुसार, इसके बाद संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार फॉलोअप किया गया। आखिरकार जसबीर सिंह 3 सितंबर 2026 को भारत पहुंच गए। उनकी वापसी से परिवार की कई महीनों से चली आ रही चिंता खत्म हुई।

विदेश जाने वालों को संत सीचेवाल की सलाह

दोनों लोगों की भारत वापसी के बाद संत सीचेवाल ने पंजाब के युवाओं और उनके परिवारों से विदेश जाने से पहले सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि विदेश जाने के लिए एजेंट या बिचौलियों पर भरोसा करने से पहले उनकी पृष्ठभूमि और प्रमाण-पत्रों की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए।

उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि विदेश में नौकरी, यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े दस्तावेजों की भी पहले से पुष्टि करें। परिवारों को भी जल्दबाजी में विदेश भेजने के फैसले से बचने और एजेंट द्वारा दी गई जानकारी को स्वतंत्र रूप से सत्यापित करने की सलाह दी गई।

भारतीय दूतावास को लेकर राजिंदरपाल ने लगाए आरोप

भारत लौटने के बाद राजिंदरपाल ने उस देश में स्थित भारतीय दूतावास के कामकाज को लेकर भी कुछ आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि वहां मुश्किलों का सामना कर रहे कुछ भारतीयों को पर्याप्त सहायता नहीं मिल रही थी और कुछ मामलों में मदद के लिए पैसे मांगे जाने का आरोप लगाया।

उन्होंने दूतावास के कामकाज और विदेश में फंसे भारतीयों को सहायता दिए जाने के तरीके की जांच की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और उपलब्ध रिपोर्ट में संबंधित दूतावास या अधिकारियों का पक्ष शामिल नहीं है।

विदेश में फंसने वाले भारतीयों के लिए बड़ा मुद्दा

राजिंदरपाल और जसबीर की वापसी यह दिखाती है कि विदेश में कानूनी, दस्तावेजी या अन्य परिस्थितियों के कारण फंसने वाले भारतीयों को घर लौटने में कई बार लंबा समय लग सकता है। ऐसे मामलों में परिवारों को संबंधित सरकारी विभागों और दूतावासों के साथ लगातार संपर्क करना पड़ता है।

संत सीचेवाल ने भी युवाओं से विदेश जाने से पहले पूरी जानकारी हासिल करने और एजेंटों की विश्वसनीयता की जांच करने की अपील की है। उनका कहना है कि बिना पर्याप्त सत्यापन के विदेश जाने का फैसला युवाओं और उनके परिवारों के लिए गंभीर परेशानियां पैदा कर सकता है।

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