23 सितंबर 2026: चंडीगढ़ प्रशासन ने नई खेल नीति लागू होने के बाद पिछले दो वर्षों में खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति और नकद पुरस्कार के रूप में करीब 37 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। प्रशासन की स्पोर्ट्स पॉलिसी 28 अगस्त 2023 को शुरू की गई थी। इसके बाद खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया है।
6,000 से ज्यादा खिलाड़ियों को मिली छात्रवृत्ति
चंडीगढ़ प्रशासन के अनुसार, खेल नीति के तहत अब तक 6,000 से अधिक खिलाड़ियों को 26 करोड़ रुपये से ज्यादा की छात्रवृत्ति दी जा चुकी है। इसके अलावा 791 खिलाड़ियों को 10.65 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार प्रदान किए गए हैं।
प्रशासन के मुताबिक, अब तक दिया गया सबसे बड़ा नकद पुरस्कार 1.2 करोड़ रुपये है, जो चंडीगढ़ के निशानेबाज महित संधू को टोक्यो में आयोजित डेफ ओलंपिक्स में स्वर्ण पदक जीतने के लिए दिया गया था।
ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए बड़े पुरस्कार
चंडीगढ़ की खेल नीति में ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए भी बड़े नकद पुरस्कार का प्रावधान किया गया है। प्रशासन के अनुसार, ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता के लिए 6 करोड़ रुपये, रजत पदक के लिए 4 करोड़ रुपये और कांस्य पदक के लिए 2.5 करोड़ रुपये का पुरस्कार निर्धारित है।
हालांकि, अब तक इन श्रेणियों में कोई पुरस्कार नहीं दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, इन पुरस्कारों के लिए अभी तक किसी खिलाड़ी ने पात्रता हासिल नहीं की है।
2025-26 के आवेदन अभी विचाराधीन
स्पोर्ट्स विभाग के अनुसार, वर्ष 2025-26 के लिए करीब 5,600 छात्रवृत्ति आवेदन और लगभग 800 नकद पुरस्कारों के आवेदन विचाराधीन हैं। प्रशासन ने कहा है कि इन पुरस्कारों और छात्रवृत्तियों को दिसंबर तक दिए जाने की उम्मीद है।
चंडीगढ़ के यूटी स्पोर्ट्स सचिव ने बताया कि नई खेल नीति के तहत नकद पुरस्कार, छात्रवृत्ति, कोचों के लिए प्रोत्साहन और खिलाड़ियों की ग्रेडेशन व्यवस्था को एक ही ढांचे में लाया गया है। इसके साथ खेल सुविधाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
6 से 13 साल के बच्चों के लिए टैलेंट हंट
नई खेल नीति में कम उम्र से खेल प्रतिभाओं की पहचान करने के लिए भी प्रावधान किया गया है। 6 से 13 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए टैलेंट हंट कार्यक्रम रखा गया है।
इसके अलावा शहर के बाहरी क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की कॉलोनियों के बच्चों के लिए 25 लाख रुपये का कॉर्पस निर्धारित किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य शुरुआती स्तर पर प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के अवसर देना है।
पैरा खिलाड़ियों के लिए भी विशेष प्रावधान
खेल नीति में पैरा खिलाड़ियों के लिए भी सहायता का प्रावधान किया गया है। प्रशासन ने 50 लाख रुपये का कॉर्पस निर्धारित किया है और पैरा खिलाड़ियों के लिए मुफ्त खेल सुविधाओं का प्रावधान भी किया गया है।
इसके अलावा खिलाड़ियों की ग्रेड A से D तक ग्रेडेशन, 5 लाख रुपये के एडमिनिस्ट्रेटर अवॉर्ड, अचानक डोप टेस्ट, चोट के बाद पुनर्वास और खिलाड़ियों के स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों के साथ बीमा कवर जैसे प्रावधान भी नीति का हिस्सा हैं।
खेल सुविधाओं के लिए ₹40.34 करोड़ का बजट
चंडीगढ़ प्रशासन ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खेल क्षेत्र में 40.34 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। इसमें सेक्टर 7 के एथलेटिक्स ट्रैक के लिए 22.93 करोड़ रुपये, सेक्टर 18 हॉकी स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ के लिए 8.15 करोड़ रुपये और सभी खेल परिसरों में CCTV कैमरे लगाने के लिए 6.23 करोड़ रुपये शामिल हैं।
इसके अलावा सेक्टर 42 में ओलंपिक स्तर के स्विमिंग पूल, बहुउद्देशीय हॉल और 300 बेड वाले लड़कियों के हॉस्टल के लिए करीब 200 करोड़ रुपये की परियोजना भी प्रस्तावित है।
41 सरकारी स्कूलों के खेल मैदान खेल संगठनों को सौंपे जाएंगे
खेलों को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने 41 सरकारी स्कूलों के खेल मैदान स्थानीय खेल संगठनों को सौंपने की मंजूरी दी है। प्रशासन के अनुसार, इसका उद्देश्य युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
चंडीगढ़ में पिछले दो वर्षों के दौरान 12 राष्ट्रीय चैंपियनशिप और टूर्नामेंट भी आयोजित किए गए हैं। इनमें पहली चंडीगढ़ इंटरनेशनल मैराथन भी शामिल है।
2027 में बड़े एशियाई खेल आयोजनों की तैयारी
चंडीगढ़ अगले वर्ष दो बड़े एशियाई खेल आयोजनों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इनमें मई 2027 में एशियन रिले चैंपियनशिप शामिल है, जिसमें 25 देशों के एथलीटों के भाग लेने की उम्मीद है।
इसके अलावा 21वीं एशियन रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप भी चंडीगढ़ में आयोजित होगी, जिसमें 22 से अधिक देशों के करीब 2,400 खिलाड़ियों के शामिल होने की उम्मीद है।
