2 जुलाई 2026 : अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावा विवाद के बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनकी अयोध्या में सेवा पूरी हो चुकी है और वह किसी भी तरह के ‘कलंक’ के साथ नहीं रहना चाहते।
चंपत राय ने कहा कि उनके पूरे सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और ईमानदारी प्राथमिकता रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी मामले की जांच होती है तो वे पूरा सहयोग करेंगे और सच्चाई सामने आने का इंतजार करेंगे।
चढ़ावा विवाद को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल
हाल के दिनों में राम मंदिर में चढ़ावे और उससे जुड़े वित्तीय प्रबंधन को लेकर विवाद सामने आया है। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) को समय बढ़ाया गया है और जांच का दायरा भी विस्तृत किया गया है।
‘कलंक के साथ नहीं रहूंगा’
चंपत राय ने कहा कि उन्होंने अपना जीवन सामाजिक और धार्मिक कार्यों के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि यदि उन पर कोई आरोप साबित होता है तो वह उसके अनुरूप निर्णय लेंगे, लेकिन बिना तथ्य के लगाए गए आरोपों को उचित नहीं माना जा सकता।
जांच जारी
फिलहाल मामले की जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां उपलब्ध दस्तावेजों तथा अन्य साक्ष्यों की समीक्षा कर रही हैं। अभी तक जांच एजेंसियों की ओर से किसी निष्कर्ष की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
