मालेरकोटला, 17 सितंबर: पंजाब को नशे की समस्या से मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के 551 दिन पूरे होने के अवसर पर पंजाब उर्दू अकादमी में विधायक मालेरकोटला डॉ. जमील-उर-रहमान की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान विलेज और वार्ड डिफेंस कमेटियों, ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों तथा सिविल और पुलिस प्रशासन के बीच अभियान को और अधिक परिणामोन्मुख बनाने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
डॉ. जमील-उर-रहमान ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य केवल नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे की दलदल में फंसे लोगों को उपचार और पुनर्वास के माध्यम से नया जीवन देने का प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि नशों की सप्लाई चेन को तोड़ने के साथ-साथ युवाओं की ऊर्जा को खेल, शिक्षा और रोजगार के रचनात्मक अवसरों की ओर मोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से इस सामाजिक लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करने का आह्वान किया।
एस.डी.एम. मालेरकोटला कनु गर्ग ने कहा कि मोहल्ला और गांव स्तर पर सक्रिय कमेटियां नशों के खिलाफ जागरूकता का मजबूत आधार बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि नशा छोड़ने के इच्छुक लोगों और उनके परिवारों को उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने के लिए संवेदनशील और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।
डी.एस.पी. मालेरकोटला मानवजीत सिंह ने कहा कि नशों की सप्लाई और तस्करी से जुड़े तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों से मिलने वाली विश्वसनीय जानकारी नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इस अवसर पर मार्केट कमेटी के चेयरमैन जफर अली, ब्लॉक समिति के चेयरमैन संतोख सिंह, जिला प्रभारी नशा मुक्ति मोर्चा निसार अहमद, हलका कोऑर्डिनेटर नशा छुड़ाऊ कमेटी सिंगारा सिंह सहित विलेज और वार्ड डिफेंस कमेटियों के सदस्य, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर तथा सिविल और पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।
