4 अगस्त, 2026 : भारतीय किसान संघ (BKS) ने धान खरीद के दौरान किसानों को राहत देने के लिए धान में स्वीकार्य नमी की सीमा 20 प्रतिशत निर्धारित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि मौजूदा मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए नमी के मानकों में व्यावहारिक बदलाव किया जाना आवश्यक है।
किसान संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि मानसून और मौसम में बदलाव के कारण धान की फसल में नमी का स्तर अधिक बना हुआ है। ऐसे में वर्तमान मानकों के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
किसानों को राहत देने की मांग
भारतीय किसान संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि खरीद प्रक्रिया के दौरान धान में 20 प्रतिशत तक नमी स्वीकार की जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।
मौसम का दिया हवाला
संगठन का कहना है कि इस वर्ष मौसम की स्थिति सामान्य नहीं रही है। इसलिए नमी के मानकों में लचीलापन अपनाना किसानों के हित में होगा और खरीद प्रक्रिया भी सुचारु रूप से चल सकेगी।
सरकार से जल्द निर्णय की उम्मीद
किसान नेताओं ने उम्मीद जताई कि सरकार इस मांग पर सकारात्मक विचार करेगी, जिससे मंडियों में धान खरीद के दौरान किसानों को राहत मिल सके और फसल की बिक्री में किसी प्रकार की बाधा न आए।
