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हिसार में 15 दिन में साइबर फ्रॉड के 15 मामले, 15 आरोपी गिरफ्तार; 58.46 लाख रुपये बरामद

19 सितंबर, 2026 : हरियाणा के हिसार जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, पिछले 15 दिनों में जिले में साइबर फ्रॉड के 15 मामले दर्ज किए गए। यानी इस अवधि में लगभग हर दिन साइबर ठगी का एक मामला पुलिस के सामने आया। इन मामलों में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 58.46 लाख रुपये की राशि बरामद कर पीड़ितों को वापस भी कराई है।

15 दिनों में 15 साइबर फ्रॉड केस दर्ज

हिसार पुलिस के मुताबिक, जिले में साइबर अपराध से जुड़े मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है। पिछले 15 दिनों के दौरान अलग-अलग शिकायतों के आधार पर 15 साइबर फ्रॉड केस दर्ज किए गए। इन मामलों की जांच करते हुए पुलिस ने 15 संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस की कार्रवाई केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही। बैंक और वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय कर ठगी की रकम को रोकने और उसे पीड़ितों तक वापस पहुंचाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।

58.46 लाख रुपये पीड़ितों को लौटाए

पुलिस ने बताया कि साइबर फ्रॉड के इन मामलों में आरोपियों से 58.46 लाख रुपये की रकम बरामद की गई। यह राशि संबंधित पीड़ितों को वापस कराई गई है।

साइबर ठगी के मामलों में समय पर शिकायत दर्ज होना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ठगी के तुरंत बाद सूचना मिलने पर पुलिस और बैंकिंग संस्थानों के लिए संबंधित खातों में भेजी गई रकम को फ्रीज कराने और उसकी रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है।

बैंक और वित्तीय संस्थानों के साथ पुलिस का समन्वय

हिसार पुलिस साइबर ठगी के मामलों में बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, ठगी की रकम जिन बैंक खातों में ट्रांसफर होती है, उन्हें समय रहते फ्रीज कराने की कोशिश की जाती है।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य ठगी गई रकम को आगे दूसरे खातों में जाने से रोकना और उपलब्ध कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे पीड़ितों तक वापस पहुंचाना है।

पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराध के मामलों में वित्तीय लेनदेन की तत्काल निगरानी के महत्व को भी सामने लाती है।

OTP और बैंक डिटेल के नाम पर ठगी

हिसार के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को अलग-अलग तरीकों से अपने जाल में फंसाते हैं। ठग कभी OTP, PIN और पासवर्ड हासिल करने की कोशिश करते हैं तो कभी बैंक खाते से जुड़ी जानकारी मांगते हैं।

इसके अलावा कुछ मामलों में लोगों से मोबाइल या कंप्यूटर की स्क्रीन एक्सेस साझा करने के लिए भी कहा जाता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ ऐसी संवेदनशील जानकारी साझा न करें।

साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत

पुलिस अधीक्षक ने साइबर ठगी के पीड़ितों से अपील की है कि घटना होने के बाद शिकायत दर्ज कराने में देरी न करें। इसके लिए राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है।

पुलिस के अनुसार, जितनी जल्दी ठगी की सूचना मिलती है, उतनी ही जल्दी संबंधित बैंक खातों में ट्रांसफर हुई रकम को फ्रीज कराने की कोशिश की जा सकती है। इससे ठगी गई रकम की रिकवरी और पीड़ित को वापस करने की संभावना बढ़ सकती है।

लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

लगातार सामने आ रहे साइबर फ्रॉड के मामलों के बीच पुलिस लोगों को ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दे रही है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, ATM या डेबिट कार्ड PIN, पासवर्ड, बैंक डिटेल या स्क्रीन एक्सेस जैसी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

यदि किसी व्यक्ति को बैंक या किसी सरकारी संस्था के नाम पर फोन आता है और उससे तत्काल पैसे भेजने या गोपनीय जानकारी देने को कहा जाता है, तो पहले संबंधित संस्था के आधिकारिक माध्यम से इसकी पुष्टि करना जरूरी है।

पुलिस की कार्रवाई जारी

हिसार पुलिस ने साइबर ठगी के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ ठगी की रकम की रिकवरी पर भी ध्यान दिया है। पिछले 15 दिनों में 15 मामलों में 15 गिरफ्तारियां और 58.46 लाख रुपये की रिकवरी पुलिस की कार्रवाई का हिस्सा रही है।

साइबर अपराध के बढ़ते तरीकों को देखते हुए पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है।

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