1 जुलाई 2026 : अकाल तख्त की ओर से बेअदबी विरोधी कानून में संशोधन के निर्देश दिए जाने के एक दिन बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस कानून का मजबूती से बचाव किया है। उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना और दोषियों को कड़ी सजा दिलाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कानून में किसी तरह की कमी है तो उस पर चर्चा हो सकती है, लेकिन बेअदबी जैसे गंभीर मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कानून की जरूरत पर सवाल उठाने वालों को भी जवाब दिया।
अकाल तख्त ने दिया था संशोधन का निर्देश
अकाल तख्त ने पंजाब सरकार को बेअदबी विरोधी कानून में बदलाव करने के लिए समय सीमा दी थी। इस मामले को लेकर पंजाब के सिख विधायकों और राजनीतिक नेतृत्व से भी चर्चा हुई।
अकाल तख्त की आपत्तियां कानून के मौजूदा प्रावधानों को लेकर हैं, जिसके बाद सरकार और धार्मिक संस्थाओं के बीच यह मुद्दा चर्चा में बना हुआ है।
CM मान का रुख
भगवंत मान ने कहा कि सरकार का मकसद बेअदबी के मामलों में न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि कानून को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सुझाव पर संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार विचार किया जाएगा।
मामले पर सियासी हलचल तेज
बेअदबी कानून को लेकर पंजाब में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अलग-अलग राजनीतिक दल और धार्मिक संगठन इस मुद्दे पर अपनी राय रख रहे हैं।
