30 अक्तूबर 2026: उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने छह सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि समाजवादी पार्टी (SP) ने पांच सीटें अपने नाम कीं। गुरुवार, 29 अक्टूबर को शेष दो सीटों के नतीजे घोषित होने के साथ ही चुनाव परिणामों की तस्वीर साफ हो गई। इन नतीजों में सपा ने वाराणसी की दोनों सीटों सहित कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जीत हासिल की।
BJP ने छह सीटों पर दर्ज की जीत
BJP ने पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में से कुल छह सीटें जीतीं। पार्टी के उम्मीदवारों ने आगरा स्नातक, मेरठ स्नातक, लखनऊ शिक्षक, मेरठ शिक्षक, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की।
इन सीटों पर BJP के विजयी उम्मीदवारों में मनवेंद्र प्रताप सिंह, दिनेश कुमार गोयल, उमेश द्विवेदी, श्रीचंद शर्मा, हरि सिंह ढिल्लों और ध्रुव कुमार त्रिपाठी शामिल हैं।
समाजवादी पार्टी को मिलीं पांच सीटें
समाजवादी पार्टी ने भी चुनाव में पांच सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की। पार्टी ने इलाहाबाद-झांसी स्नातक, लखनऊ स्नातक, वाराणसी स्नातक, वाराणसी शिक्षक और आगरा-अलीगढ़ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की।
सपा के विजयी उम्मीदवारों में मान सिंह यादव, कांति सिंह, आशुतोष सिन्हा, लाल बिहारी यादव और डॉ. आकाश अग्रवाल शामिल हैं। वाराणसी की स्नातक और शिक्षक दोनों सीटों पर सपा उम्मीदवारों की जीत भी चुनाव के प्रमुख परिणामों में रही।
वाराणसी और लखनऊ में सपा को मिली सफलता
वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के आशुतोष सिन्हा ने जीत हासिल की। उन्होंने BJP उम्मीदवार केदारनाथ सिंह को पीछे छोड़ा। वहीं, लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा की कांति सिंह ने BJP के अवनीश कुमार सिंह को हराया।
इन नतीजों के साथ सपा ने उन सीटों पर भी जीत दर्ज की, जहां चुनावी मुकाबला काफी चर्चा में रहा। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने परिणामों को BJP के लिए राजनीतिक झटका बताया और इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपनी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में पेश किया।
मतगणना के दौरान लगाए गए अनियमितताओं के आरोप
मतगणना के दौरान कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में प्रक्रिया को लेकर विवाद भी सामने आए। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव ने मतगणना में गड़बड़ी और वोटों में हेरफेर के आरोप लगाए। BJP उम्मीदवार ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने उन्हें 307 मतों के अंतर से हराया।
आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी सपा उम्मीदवार डॉ. आकाश अग्रवाल को लेकर विवाद हुआ। अखिलेश यादव ने उनके साथ कथित मारपीट का आरोप लगाते हुए निर्वाचन अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की थी। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच की स्थिति अलग-अलग स्तर पर स्पष्ट होनी बाकी है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले अहम मुकाबला
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की इन 11 सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को हुआ था, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर से शुरू हुई। चुनाव में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे।
इन चुनावों को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले BJP और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक मुकाबले के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। हालांकि, विधान परिषद के इन चुनावों का मतदाता वर्ग विधानसभा चुनावों से अलग होता है, इसलिए इनके नतीजों को सीधे विधानसभा चुनाव के परिणामों का संकेत नहीं माना जा सकता।
