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बुद्धा नाले के प्रदूषण पर भगवंत मान ने बुलाई अहम बैठक, डेयरी संचालकों सहित बड़े अधिकारियों को नोटिस

30 अक्तूबर 2026:  लुधियाना के बुद्धा नाले में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण और डेयरी वेस्ट के निस्तारण की समस्या को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 31 अक्टूबर को चंडीगढ़ में अहम बैठक बुलाई है। बैठक में लुधियाना के डेयरी संचालकों और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री का उद्देश्य नाले में गोबर और डेयरी से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी रोकने के लिए ठोस व्यवस्था तैयार करना है।

इस संबंध में ताजपुर रोड और हैबोवाल रोड के डेयरी संचालकों के साथ-साथ नगर निगम कमिश्नर, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) के प्रमुख और लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर को भी नोटिस जारी किए गए हैं। सभी को बैठक में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।

बालबीर सिंह सीचेवाल ने उठाया था प्रदूषण का मुद्दा

बुद्धा नाले की सफाई को लेकर राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल लगातार आवाज उठा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने नाले के पुनर्जीवन प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि करोड़ों रुपये खर्च होने और कई बैठकें होने के बावजूद नाले में प्रदूषण की समस्या बनी हुई है।

सीचेवाल ने खास तौर पर लुधियाना के ताजपुर रोड और हैबोवाल डेयरी कॉम्प्लेक्स से निकलने वाले पशुओं के गोबर और अन्य कचरे के नालियों तथा सीवरेज सिस्टम में जाने पर चिंता जताई थी। उनका कहना है कि जब तक डेयरी वेस्ट को नाले और सीवरेज में जाने से नहीं रोका जाता, तब तक सफाई के प्रयासों का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा।

मुख्यमंत्री ने सीचेवाल से मुलाकात के बाद बुलाई बैठक

इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को जालंधर में सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल से मुलाकात की थी। इसके बाद डेयरी संचालकों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक बुलाने के निर्देश जारी किए गए।

31 अक्टूबर को चंडीगढ़ में होने वाली बैठक में डेयरी वेस्ट के संग्रह, परिवहन और सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों की जिम्मेदारी तय करने और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर भी विचार किया जाएगा।

ताजपुर और हैबोवाल डेयरी कॉम्प्लेक्स पर रहेगा फोकस

लुधियाना के ताजपुर रोड और हैबोवाल क्षेत्र में बड़ी संख्या में डेयरियां संचालित होती हैं। इनसे रोजाना काफी मात्रा में पशुओं का गोबर और अन्य अपशिष्ट निकलता है। यदि इस कचरे का उचित प्रबंधन नहीं होता, तो यह सीवरेज नेटवर्क और जल स्रोतों को प्रभावित कर सकता है।

प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि डेयरी संचालक गोबर को निर्धारित स्थानों पर जमा करें और उसका नियमित उठान हो। बैठक में इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए डेयरी संचालकों और विभागों के बीच समन्वय पर चर्चा की जाएगी।

उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई तेज

बैठक से पहले नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नियमों का उल्लंघन करने वाली डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। अधिकारियों की ओर से उन इकाइयों पर नजर रखी जा रही है, जहां से गोबर या गंदा पानी नालियों और सीवरेज में छोड़े जाने की शिकायतें मिल रही हैं।

प्रशासन का प्रयास है कि डेयरी वेस्ट के निस्तारण के लिए व्यावहारिक व्यवस्था बनाई जाए और नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

31 अक्टूबर की बैठक पर टिकी नजरें

बुद्धा नाले की सफाई का मुद्दा लंबे समय से लुधियाना के पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक से यह उम्मीद की जा रही है कि डेयरी वेस्ट के प्रबंधन को लेकर विभागों और डेयरी संचालकों के बीच ठोस योजना तैयार होगी।

बैठक में तय होने वाले कदम और उनकी समयसीमा यह स्पष्ट करेंगे कि बुद्धा नाले में प्रदूषण रोकने के लिए प्रशासन आगे किस तरह काम करेगा।

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