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पंजाब-हरियाणा में मानसून की विदाई के बीच फिर बारिश का दौर, 25 से 29 सितंबर तक मौसम बदलेगा

24 सितंबर 2026 पंजाब और हरियाणा में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अगले कुछ दिनों में मौसम एक बार फिर बदल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दोनों राज्यों के कई इलाकों में 25 से 29 सितंबर के बीच बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पंजाब और हरियाणा से मानसून की विदाई

IMD के अनुसार, पंजाब और हरियाणा से मानसून की वापसी 21 सितंबर से शुरू हुई थी। अब मानसून लगभग पूरी तरह इन दोनों राज्यों से पीछे हट चुका है। 23 सितंबर को जारी मौसम मानचित्र में पंजाब के पूर्वी हिस्से के एक छोटे क्षेत्र और हरियाणा के उत्तर-पूर्वी हिस्से में ही मानसून की मौजूदगी दिखाई गई थी।

हालांकि मानसून की वापसी के बावजूद पश्चिमी विक्षोभ और पश्चिमी हिमालय क्षेत्र के ऊपर बने ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

25 से 29 सितंबर तक बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार, 25 सितंबर को कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश, जबकि 26 और 27 सितंबर को कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद 28 और 29 सितंबर को भी कुछ अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।

पंजाब में उत्तर-पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में बारिश की संभावना बताई गई है। वहीं हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में बारिश हो सकती है, हालांकि सिरसा, फतेहाबाद और हिसार को इस पूर्वानुमान में अपवाद बताया गया है।

IMD ने फिलहाल कोई मौसम चेतावनी नहीं दी

बारिश की संभावना के बावजूद 24 सितंबर को जारी IMD की उप-विभागीय चेतावनी में 25 से 30 सितंबर तक पंजाब और हरियाणा के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। यानी बारिश का पूर्वानुमान है, लेकिन फिलहाल किसी विशेष मौसम चेतावनी या अलर्ट की घोषणा नहीं हुई है।

चंडीगढ़-मोहाली के स्थानीय पूर्वानुमान में भी 25 और 26 सितंबर को एक-दो दौर की बारिश या गरज के साथ बौछारों की संभावना जताई गई है, जबकि 27 से 29 सितंबर के दौरान मौसम में बादल रहने और सीमित बारिश की संभावना है।

इस साल पंजाब में 37 फीसदी बारिश की कमी

इस साल मानसून के दौरान पंजाब और हरियाणा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 23 सितंबर की सुबह तक पंजाब में 267.8 मिमी बारिश हुई, जबकि इस अवधि का लंबी अवधि का औसत 424.9 मिमी है। इसके आधार पर पंजाब में बारिश की कमी करीब 37 फीसदी रही।

इसी अवधि में हरियाणा में 313.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 423.2 मिमी है। राज्य में बारिश की कमी करीब 26 फीसदी रही।

पंजाब के सिर्फ दो जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

इस मानसून सीजन में पंजाब के केवल पठानकोट और गुरदासपुर जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। पठानकोट में सामान्य से 37 फीसदी और गुरदासपुर में 28 फीसदी अधिक बारिश हुई।

राज्य के बाकी जिलों में बारिश सामान्य से कम रही। इन जिलों में बारिश की कमी करीब 5 फीसदी से लेकर 70 फीसदी तक दर्ज की गई। कपूरथला, फतेहगढ़ साहिब और मानसा में बारिश सबसे कम रही।

हरियाणा में भी बारिश रही कम

हरियाणा में पलवल एकमात्र ऐसा जिला रहा जहां बारिश सामान्य से अधिक रही। यहां सामान्य से करीब 21 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। बाकी जिलों में बारिश की कमी रही, जबकि कुछ इलाकों में यह कमी काफी अधिक दर्ज की गई। जींद, सिरसा और कैथल में बारिश की कमी ज्यादा रही।

मौसम में बदलाव से किसानों की नजर बारिश पर

मानसून की विदाई के बाद होने वाली बारिश खेती के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि बारिश का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकता है। किसान और आम लोग अगले कुछ दिनों के मौसम पूर्वानुमान पर नजर रख सकते हैं, खासकर उन इलाकों में जहां 25 से 29 सितंबर के बीच बारिश की संभावना जताई गई है।

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