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हरिके गांव में 4-वे वेस्ट सेग्रीगेशन अभियान शुरू, घरों से ही अलग किया जाएगा कचरा

20 सितंबर, 2026 : पंजाब के तरनतारन जिले के हरिके गांव में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए चार तरह से कचरा अलग करने की व्यवस्था शुरू की गई है। इस अभियान के तहत ग्रामीणों से घरों में ही कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने की अपील की गई है। पंचायत की ओर से शुरू किया गया यह अभियान स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 के तहत चलाया जा रहा है।

गीला, सूखा और सैनिटरी कचरा होगा अलग

हरिके गांव में शुरू की गई चार-तरफा कचरा पृथक्करण व्यवस्था के तहत कचरे को गीला, सूखा, सैनिटरी और अन्य कचरे की श्रेणियों में अलग किया जाएगा। इसके लिए ग्रामीणों को स्रोत स्तर यानी घर से ही कचरे को अलग रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

पंचायत का उद्देश्य कचरे को मिलाकर फेंकने की आदत को कम करना और उसके वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन को बढ़ावा देना है।

स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत पहल

यह अभियान नौशहरा ब्लॉक के अंतर्गत हरिके ग्राम पंचायत की ओर से शुरू किया गया है। इसे Swachhta Hi Seva Abhiyan-2026 से जोड़ा गया है, जिसकी थीम “Swachhata mein Sahbhag, Swachh Bharat, Viksit Bharat” रखी गई है।

अभियान के तहत गांव में स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ ठोस कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

घरों से ही अलग-अलग एकत्र किया जाएगा कचरा

नई व्यवस्था के तहत कचरे को घरों और अन्य स्थानों से अलग-अलग श्रेणियों में एकत्र करने की योजना बनाई गई है। पंचायत की ओर से गांव में ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली भी लागू की गई है।

इसका उद्देश्य कचरे के निपटान को अधिक व्यवस्थित बनाना और ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के अनुसार उसका वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना है।

ग्रामीणों से सहयोग की अपील

हरिके के सरपंच इकबाल सिंह ने ग्रामीणों से अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने घरों में ही कचरे को अलग करना चाहिए और इसे सार्वजनिक स्थानों पर नहीं फेंकना चाहिए।

पंचायत का कहना है कि गांव को साफ और कचरा मुक्त बनाने के लिए ग्रामीणों की भागीदारी बेहद जरूरी है। सामूहिक प्रयासों के जरिए स्वच्छता अभियान को लगातार आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

पर्यावरण और स्वास्थ्य को मिलेगा फायदा

पंचायत के अनुसार, कचरे का सही तरीके से पृथक्करण और प्रबंधन गांव की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा में भी मदद कर सकता है।

गीले और सूखे कचरे को अलग करने से उनके उचित प्रबंधन की प्रक्रिया आसान होती है, जबकि सैनिटरी और अन्य कचरे के लिए अलग व्यवस्था होने से मिश्रित कचरे से होने वाली समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

पंचायत, ग्रामीण और अधिकारियों ने लिया हिस्सा

अभियान की शुरुआत के दौरान ग्राम पंचायत के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इसके अलावा ब्लॉक कार्यालय और सैनिटेशन विभाग के अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

पंचायत ने स्पष्ट किया है कि स्वच्छता अभियान आगे भी जारी रहेगा और गांव को साफ रखने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।

स्वच्छ गांव बनाने की दिशा में कदम

हरिके गांव में शुरू की गई चार-वे वेस्ट सेग्रीगेशन व्यवस्था ग्रामीण स्तर पर कचरा प्रबंधन को व्यवस्थित करने की दिशा में एक पहल है। घर से ही कचरे को अलग करने से उसके संग्रह और आगे के प्रबंधन को बेहतर तरीके से किया जा सकता है।

पंचायत ने ग्रामीणों से इस व्यवस्था को रोजमर्रा की आदत का हिस्सा बनाने और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने की अपील की है।

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