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हरियाणा CM नायब सैनी ने गुरुग्राम को बताया आर्थिक ताकत, कहा- मेरी दो साल की पारी जवाबदेही पर आधारित

9 सितंबर 2026:  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने करीब दो साल के कार्यकाल को जवाबदेही और जिम्मेदारी पर आधारित बताते हुए गुरुग्राम को देश की ‘अर्बन फेल्योर स्टोरी’ कहे जाने पर असहमति जताई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम देश के प्रमुख आर्थिक और रोजगार केंद्रों में शामिल है तथा यहां तेजी से हुआ शहरीकरण अपने साथ ट्रैफिक, ड्रेनेज, सड़क, प्रदूषण और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियां लेकर आया है। सरकार इन समस्याओं को व्यवस्थित तरीके से दूर करने पर काम कर रही है।

गुरुग्राम को अर्बन फेल्योर कहना गलत: सैनी

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम को केवल समस्याओं के आधार पर ‘अर्बन फेल्योर स्टोरी’ के रूप में देखना उचित नहीं है। उनके अनुसार, यह शहर भारत के बड़े आर्थिक और रोजगार केंद्रों में से एक है और वैश्विक निवेश के लिए भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

उन्होंने कहा कि तेजी से विकास के कारण शहर में कई तरह की नागरिक चुनौतियां पैदा हुई हैं, लेकिन सरकार का लक्ष्य गुरुग्राम को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे वाला आर्थिक केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार के काम का मूल्यांकन केवल मौजूदा समस्याओं से नहीं, बल्कि हो रहे बदलावों से किया जाना चाहिए।

जवाबदेही को बताया सरकार की प्राथमिकता

नायब सिंह सैनी ने अपने करीब दो साल के कार्यकाल को लेकर कहा कि उनकी सरकार में जवाबदेही को मापने योग्य बनाने पर जोर दिया गया है। सरकार ने परियोजनाओं की प्रगति और देरी पर नजर रखने के लिए साप्ताहिक समीक्षा, मुख्यमंत्री स्तर की निगरानी और डिजिटल डैशबोर्ड जैसे उपायों को अपनाया है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, तकनीक की मदद से यह पता लगाया जा सकता है कि कोई परियोजना किस स्तर पर लंबित है और इसके लिए कौन-सा विभाग या अधिकारी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि वास्तविक तकनीकी, वित्तीय या प्रक्रियात्मक दिक्कतों का समाधान किया जाएगा, लेकिन जानबूझकर देरी, लापरवाही और काम में विफलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

ट्रैफिक, ड्रेनेज और प्रदूषण बड़ी चुनौती

मुख्यमंत्री ने माना कि गुरुग्राम के तेज विकास के साथ ट्रैफिक, जल निकासी, सड़कों और प्रदूषण जैसी समस्याएं भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे का विकास साथ-साथ होना जरूरी है।

सरकार का फोकस सड़कों, कनेक्टिविटी, परिवहन और ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने पर है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में नए IMT औद्योगिक टाउनशिप विकसित किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन न करना पड़े।

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर भी बोले

गुरुग्राम और फरीदाबाद में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सफाई कर्मचारियों को वोट बैंक के नजरिए से नहीं देखते। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी शहर की व्यवस्था के लिए जरूरी कार्यबल का हिस्सा हैं।

सैनी के अनुसार, कर्मचारियों की ओर से रखी गई 13 मांगों में से सरकार ने 12 मांगों को स्वीकार किया है। स्थायी दर्जे से जुड़ी मांग में कानूनी और वैधानिक पहलू हैं, जिनकी समीक्षा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसा स्थायी तंत्र बनाना चाहती है, जिससे हर साल हड़ताल की स्थिति में शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो।

IDFC-AU बैंक मामले पर भी सरकार का रुख

हरियाणा में सामने आए IDFC First Bank-AU Small Finance Bank मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी गड़बड़ी के आरोप होंगे, वहां पारदर्शिता और जवाबदेही से समझौता नहीं किया जाएगा।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केवल आरोपों के आधार पर किसी जांच के नतीजे को पहले से तय नहीं किया जाना चाहिए। जहां सरकार के अधिकार क्षेत्र में जिम्मेदारी तय होगी, वहां गड़बड़ी साबित होने के बाद कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

गुरुग्राम-फरीदाबाद क्षेत्र को लेकर विकास का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम और फरीदाबाद हरियाणा के औद्योगिक विकास की रीढ़ हैं। उनके मुताबिक निवेशक किसी एक सुविधा के बजाय कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे, मानव संसाधन, कानून-व्यवस्था, कारोबार में आसानी और शासन व्यवस्था जैसे पूरे इकोसिस्टम को देखते हैं।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में इन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण ताकतें मौजूद हैं और सरकार आर्थिक विकास के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर काम कर रही है।

दो साल के कार्यकाल की पहचान क्या है?

अपने दो साल के कार्यकाल को लेकर नायब सिंह सैनी ने कहा कि वह इसे किसी एक फैसले तक सीमित नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का मूल दृष्टिकोण शासन को आम नागरिक के प्रति अधिक जवाबदेह बनाना रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकारी योजनाएं केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए और अधिकारियों की जिम्मेदारी उनके क्रियान्वयन के लिए तय होनी चाहिए। उन्होंने अपनी सरकार को ऐसी सरकार बताया जो लोगों की बात सुनती है, फैसले लेती है और उन्हें लागू करने की दिशा में काम करती है।

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