29 अगस्त 2026: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली में छात्रों का विरोध प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन के दौरान आंदोलन फैकल्टी क्वार्टर तक पहुंचने के बाद संस्थान प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
पांचवें दिन भी जारी रहा प्रदर्शन
IIT दिल्ली में छात्र अपनी विभिन्न मांगों और मुद्दों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। पांचवें दिन भी बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया और प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए और जल्द समाधान निकालना चाहिए।
फैकल्टी क्वार्टर तक पहुंचा आंदोलन
प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी छात्र संस्थान के फैकल्टी क्वार्टर क्षेत्र तक पहुंच गए। इसके बाद प्रशासन ने प्रदर्शन के दायरे और उसके संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताई।
प्रशासन की ओर से छात्रों को संस्थान के नियमों और निर्धारित विरोध प्रदर्शन संबंधी प्रक्रियाओं का पालन करने के लिए कहा गया।
प्रशासन ने दी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
IIT दिल्ली प्रशासन ने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारी संस्थान के नियमों का उल्लंघन करते हैं या प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और संस्थान के निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है।
छात्रों और प्रशासन के बीच गतिरोध
प्रदर्शन के पांचवें दिन भी छात्रों और प्रशासन के बीच गतिरोध बना हुआ है। छात्र अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं, जबकि प्रशासन ने संस्थान की व्यवस्था और नियमों को बनाए रखने पर जोर दिया है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या नहीं।
आंदोलन को लेकर बढ़ी चिंता
फैकल्टी क्वार्टर तक प्रदर्शन पहुंचने के बाद मामले को लेकर चिंता बढ़ गई है। संस्थान प्रशासन के लिए एक तरफ छात्रों की शिकायतों पर विचार करना और दूसरी तरफ परिसर में सामान्य शैक्षणिक एवं आवासीय गतिविधियों को बनाए रखना चुनौती बन गया है।
कुल मिलाकर, IIT दिल्ली में छात्रों का विरोध प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी है। आंदोलन के फैकल्टी क्वार्टर तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। अब छात्रों और प्रशासन के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकलने की उम्मीद है।
