29 अगस्त 2026: हरियाणा सरकार की एक याचिका खारिज किए जाने के खिलाफ दायर रिवीजन पिटीशन पर अदालत ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। मामले में अदालत ने पक्षकारों से जवाब मांगा है। अब अगली सुनवाई में इस मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
याचिका खारिज होने के बाद दाखिल हुई रिवीजन पिटीशन
मामले में हरियाणा सरकार की ओर से पहले दाखिल की गई याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद सरकार ने आदेश को चुनौती देते हुए रिवीजन पिटीशन दायर की।
सरकार की ओर से अदालत के समक्ष अपने पक्ष में दलीलें रखी गईं और पहले दिए गए आदेश की समीक्षा की मांग की गई।
अदालत ने जारी किए नोटिस
रिवीजन पिटीशन पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मामले से जुड़े पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। नोटिस के जरिए संबंधित पक्षों से अपना जवाब दाखिल करने को कहा गया है।
अदालत में जवाब आने के बाद मामले की अगली सुनवाई में याचिका पर आगे विचार किया जाएगा।
क्या होता है रिवीजन पिटीशन?
रिवीजन पिटीशन के जरिए किसी पक्ष को निचली अदालत या संबंधित न्यायिक आदेश में कथित कानूनी या प्रक्रियात्मक त्रुटि होने पर उसकी समीक्षा की मांग करने का अवसर मिलता है। हालांकि, रिवीजन स्वीकार करना अदालत के अधिकार क्षेत्र और मामले के तथ्यों पर निर्भर करता है।
अगली सुनवाई पर टिकी नजर
अब संबंधित पक्षों के जवाब दाखिल करने के बाद अदालत मामले की सुनवाई आगे बढ़ाएगी। फिलहाल नोटिस जारी होने के बाद सभी पक्षों के जवाब का इंतजार है।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार की पहले खारिज हो चुकी याचिका के खिलाफ दायर रिवीजन पिटीशन पर अदालत ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले में आगे की सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अदालत रिवीजन पिटीशन पर क्या फैसला लेती है।
