28 अगस्त 2026: हरियाणा के फतेहाबाद जिले में प्रशासन ने करीब 20 साल बाद पंचायत की 9 एकड़ जमीन को कब्जे से मुक्त कराया है। लंबे समय से जमीन पर कथित अवैध कब्जा था, जिसे प्रशासनिक कार्रवाई के बाद हटा दिया गया।
लंबे समय से था जमीन पर कब्जा
जानकारी के अनुसार, पंचायत की करीब 9 एकड़ भूमि पर पिछले लगभग दो दशकों से कब्जा बताया जा रहा था। जमीन को पंचायत के रिकॉर्ड में दर्ज होने के बावजूद इसे खाली कराने की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी।
प्रशासन ने मामले की जांच और रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद जमीन को पंचायत के कब्जे में वापस लेने की कार्रवाई की।
प्रशासन ने चलाया अभियान
अधिकारियों और संबंधित विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जमीन को कब्जामुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान जमीन पर मौजूद अवैध निर्माण या अन्य कब्जों को हटाया गया और भूमि का कब्जा पंचायत को सौंप दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि पंचायत की सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पंचायत के काम आएगी जमीन
9 एकड़ जमीन वापस मिलने से ग्राम पंचायत को अपनी विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध होगी। पंचायत इस भूमि का इस्तेमाल गांव के विकास और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए कर सकती है।
स्थानीय लोगों ने लंबे समय बाद जमीन वापस मिलने की कार्रवाई का स्वागत किया है।
कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई
प्रशासन की ओर से अवैध कब्जे के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि पंचायत की अन्य जमीनों की भी जांच की जा सकती है और जहां अवैध कब्जे पाए जाएंगे, वहां कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी जमीन की सुरक्षा पर जोर
हरियाणा में पंचायत और सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने को लेकर प्रशासन की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखना और उसे विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराना है।
कुल मिलाकर, फतेहाबाद में प्रशासन ने करीब 20 साल से कब्जे में रही पंचायत की 9 एकड़ जमीन को मुक्त कराकर वापस पंचायत के हवाले कर दिया है। इस कार्रवाई से पंचायत को विकास और सार्वजनिक उपयोग के लिए महत्वपूर्ण भूमि उपलब्ध हुई है।
