27 अगस्त 2026: पंजाब स्वास्थ्य विभाग राज्य के सरकारी अस्पतालों में मिलने वाले अज्ञात मरीजों और लावारिस शवों की पहचान आसान बनाने के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, यह पोर्टल सितंबर में आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है।
पोर्टल पर दर्ज होगी पूरी जानकारी
इस पोर्टल पर अज्ञात मरीजों और लावारिस शवों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें व्यक्ति की तस्वीर, शारीरिक हुलिया, कपड़े, पहचान के निशान, संभावित नाम, इलाज की स्थिति और अस्पताल के वार्ड जैसी जानकारी शामिल होगी।
लावारिस शवों के मामले में यह भी दर्ज किया जाएगा कि शव कहां मिला और उसे अस्पताल तक कैसे लाया गया।
पुलिस अधिकारियों को मिलेगा अलग लॉगिन
प्रस्तावित सिस्टम में पुलिस अधिकारियों के लिए अलग लॉगिन की व्यवस्था होगी। इसके जरिए पुलिस अलग-अलग जिलों और राज्यों में दर्ज रिकॉर्ड को खोज सकेगी।
इससे किसी दूसरे जिले या राज्य से संबंधित व्यक्ति की पहचान करने में पुलिस को पहले की तुलना में आसानी हो सकती है।
परिवार भी ऑनलाइन कर सकेंगे तलाश
पोर्टल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह होगा कि परिवार भी अज्ञात मरीजों और शवों से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे।
अगर किसी व्यक्ति का संपर्क टूट गया है या वह दुर्घटना के बाद किसी अस्पताल में भर्ती है, तो उसके परिजन उपलब्ध तस्वीरों और अन्य पहचान संबंधी जानकारी के आधार पर उसे खोजने की कोशिश कर सकेंगे।
दुर्घटना पीड़ितों की पहचान में मदद
अस्पताल अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था खास तौर पर उन मामलों में उपयोगी हो सकती है जहां दुर्घटना में घायल व्यक्ति किसी दूसरे जिले या राज्य का रहने वाला हो।
वर्तमान में ऐसे मामलों में अस्पताल, पुलिस और परिवारों के बीच जानकारी साझा करने में समय लग सकता है। एक केंद्रीकृत ऑनलाइन डेटाबेस से इस प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिल सकती है।
सितंबर में सार्वजनिक होने की उम्मीद
स्वास्थ्य विभाग इस पोर्टल को तैयार कर रहा है और अधिकारियों के अनुसार इसे सितंबर 2026 तक आम लोगों के लिए उपलब्ध कराने की उम्मीद है।
पोर्टल के शुरू होने के बाद अज्ञात मरीजों और लावारिस शवों से संबंधित रिकॉर्ड को डिजिटल तरीके से साझा करना आसान होगा।
पहचान की प्रक्रिया हो सकती है आसान
अज्ञात शवों की पहचान में देरी होने पर परिवारों को लंबे समय तक अपने लापता परिजनों की तलाश करनी पड़ती है। वहीं, पुलिस और अस्पतालों के बीच जानकारी के आदान-प्रदान में भी समय लगता है।
नया पोर्टल इन रिकॉर्ड को एक जगह उपलब्ध कराकर पहचान की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और तेज बनाने में मदद कर सकता है।
कुल मिलाकर, पंजाब सरकार का प्रस्तावित पोर्टल अज्ञात मरीजों और लावारिस शवों की पहचान के लिए एक डिजिटल व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। इसमें तस्वीरों और पहचान संबंधी विवरण के साथ पुलिस और परिवारों को ऑनलाइन रिकॉर्ड खोजने की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
