27 अगस्त 2026: हरियाणा सरकार ने छात्रों के ‘डमी एडमिशन’ की समस्या पर रोक लगाने के लिए निजी कोचिंग संस्थानों पर शिकंजा कस दिया है। सरकार ने नए नियम अधिसूचित करते हुए स्कूल के समय में कोचिंग कक्षाएं चलाने पर रोक लगा दी है। साथ ही कोचिंग संस्थानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।
स्कूल समय में नहीं चलेंगी कोचिंग कक्षाएं
नए नियमों के तहत कोचिंग संस्थानों को स्कूल के निर्धारित समय के दौरान कक्षाएं आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी। इसका मुख्य उद्देश्य उन छात्रों को नियमित स्कूल शिक्षा से जोड़ना है, जो स्कूल में केवल नामांकित रहते हैं और अपना अधिकांश समय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कोचिंग संस्थानों में बिताते हैं।
डमी एडमिशन पर लगेगी रोक
हरियाणा में डमी या नॉन-अटेंडिंग एडमिशन की व्यवस्था को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है। ऐसे मामलों में छात्र स्कूल में दाखिला तो लेते हैं, लेकिन नियमित कक्षाओं में उपस्थित नहीं होते और पूरा ध्यान NEET, JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर लगाते हैं।
सरकार का नया कदम स्कूलों में छात्रों की नियमित उपस्थिति और पढ़ाई सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कोचिंग संस्थानों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
सरकार ने कोचिंग संस्थानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। बिना पंजीकरण के संस्थान संचालित करने पर कार्रवाई का प्रावधान रहेगा।
इससे सरकार के पास राज्य में संचालित कोचिंग संस्थानों का व्यवस्थित रिकॉर्ड उपलब्ध होगा और उनकी गतिविधियों की निगरानी करना आसान हो सकेगा।
भ्रामक विज्ञापनों पर भी रोक
नए नियमों में कोचिंग संस्थानों को भ्रामक विज्ञापन और झूठे दावों से बचने के निर्देश दिए गए हैं। संस्थानों को ऐसे दावे करने से रोकने की कोशिश की गई है, जिनसे छात्रों या अभिभावकों को परीक्षा में सफलता या रैंक को लेकर गलत उम्मीदें पैदा हों।
2024 के कानून के बाद नियम अधिसूचित
यह कार्रवाई Haryana Registration and Regulation of Private Coaching Institutes Act, 2024 के तहत की गई है। कानून लागू होने के दो साल से अधिक समय बाद सरकार ने इसके तहत विस्तृत नियम अधिसूचित किए हैं।
छात्रों की नियमित पढ़ाई पर जोर
सरकार का उद्देश्य केवल कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि छात्रों की स्कूली शिक्षा को भी मजबूत करना है। नियमित स्कूल जाने से छात्रों को अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ खेल, गतिविधियों और सामाजिक विकास के अवसर भी मिलते हैं।
कोचिंग और स्कूल व्यवस्था में संतुलन
नए नियमों के बाद स्कूलों और कोचिंग संस्थानों के बीच चलने वाली ऐसी व्यवस्थाओं पर निगरानी बढ़ सकती है, जिनमें छात्र औपचारिक रूप से स्कूल में दाखिल रहते हैं लेकिन वास्तविक रूप से वहां पढ़ाई नहीं करते।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार ने डमी एडमिशन की समस्या से निपटने के लिए स्कूल समय में कोचिंग कक्षाओं पर रोक लगा दी है। साथ ही कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य और भ्रामक विज्ञापनों पर नियंत्रण किया गया है। सरकार के इस कदम का उद्देश्य छात्रों की नियमित स्कूली शिक्षा और उपस्थिति सुनिश्चित करना है
