17 अगस्त 2026 : पंजाब में MBBS और BDS पाठ्यक्रमों में 85 प्रतिशत राज्य कोटा के तहत पहले चरण की ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए आवेदन करने वाले 5,726 उम्मीदवारों में से 525 उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित किया गया है। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता नियमों के उल्लंघन के आधार पर इन उम्मीदवारों को काउंसलिंग से बाहर किया है।
BFUHS द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने एक से अधिक राज्यों में राज्य कोटा की सीटों का दावा करने का प्रयास किया था। इसे ‘डबल डोमिसाइल’ के रूप में देखा गया। ऐसे उम्मीदवार पंजाब के राज्य कोटा के तहत MBBS और BDS सीटों के लिए पात्र नहीं पाए गए।
विश्वविद्यालय ने यह कार्रवाई 10 जुलाई को पंजाब सरकार के चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के नियमों के तहत की है। संबंधित अधिसूचना के क्लॉज 11 में राज्य कोटा की पात्रता को लेकर स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं।
पंजाब में MBBS और BDS की राज्य कोटा सीटों के लिए पात्रता जांच प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इन सीटों पर प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों को पूरा करना आवश्यक होता है।
इस बार कुल 5,726 उम्मीदवारों ने राज्य कोटा के तहत काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए आवेदन किया था। दस्तावेजों और पात्रता की जांच के बाद 525 उम्मीदवारों को नियमों के अनुरूप पात्र नहीं पाया गया।
अयोग्य घोषित किए गए उम्मीदवारों में वे अभ्यर्थी भी शामिल हैं, जिन्होंने कथित तौर पर एक से अधिक राज्यों में राज्य कोटा सीटों के लिए पात्रता का दावा किया। राज्य कोटा का लाभ लेने के लिए निर्धारित निवास और अन्य पात्रता शर्तों का पालन करना जरूरी है।
डबल डोमिसाइल के मामलों पर कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य कोटा की मेडिकल सीटों का लाभ केवल उन्हीं उम्मीदवारों को मिले, जो निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र हैं।
MBBS और BDS में प्रवेश के लिए NEET-UG के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया होती है। पंजाब में राज्य कोटा की सीटों के लिए BFUHS पात्र उम्मीदवारों की सूची तैयार करता है और उसके आधार पर आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया संचालित की जाती है।
525 उम्मीदवारों के अयोग्य घोषित होने के बाद अब पात्र उम्मीदवारों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे काउंसलिंग से संबंधित आधिकारिक निर्देशों और अपनी पात्रता स्थिति की जांच करते रहें।
यह मामला उन छात्रों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो पंजाब में मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश की तैयारी कर रहे हैं। राज्य कोटा के लिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को डोमिसाइल और अन्य पात्रता नियमों को ध्यान से समझना जरूरी है।
पात्रता नियमों का उल्लंघन होने पर उम्मीदवार को काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर किया जा सकता है। इसलिए दस्तावेज जमा करते समय सही जानकारी देना और सभी निर्धारित शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
कुल मिलाकर, पंजाब में MBBS और BDS की 85 प्रतिशत राज्य कोटा सीटों के लिए 5,726 उम्मीदवारों में से 525 को अयोग्य घोषित किया गया है। BFUHS ने यह कार्रवाई राज्य सरकार के पात्रता नियमों के उल्लंघन, विशेष रूप से कथित डबल डोमिसाइल मामलों के आधार पर की है।
