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पंजाब CM मान ने राज्यपाल से मुलाकात कर पूर्व CM बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी हवारा के लिए पैरोल मांगी

13 अगस्त, 2026  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के सामने हवारा की पैरोल से जुड़ा मामला उठाया और इस संबंध में पंजाब सरकार की ओर से अपनी सिफारिश रखी।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री मान ने राज्यपाल के साथ पंजाब से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इसी दौरान हवारा की पैरोल का विषय भी सामने आया। सरकार की ओर से यह मांग ऐसे समय में की गई है जब हवारा की पैरोल को लेकर लंबे समय से कानूनी और राजनीतिक चर्चा होती रही है।

जगतार सिंह हवारा पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए कैदियों में शामिल हैं। बेअंत सिंह की 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में एक बम विस्फोट में हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच और सुनवाई के बाद हवारा को हत्या की साजिश में दोषी ठहराया गया था।

मुख्यमंत्री मान द्वारा राज्यपाल से पैरोल की मांग किए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पैरोल किसी कैदी को निर्धारित शर्तों के तहत सीमित अवधि के लिए जेल से बाहर आने की अनुमति होती है। ऐसे मामलों में संबंधित कानून, जेल नियमों और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय को ध्यान में रखा जाता है।

हवारा की पैरोल को लेकर पंजाब सरकार की भूमिका पहले भी चर्चा में रही है। सरकार की ओर से पहले भी राज्यपाल के समक्ष इस संबंध में सिफारिश किए जाने की बात सामने आती रही है। अब मुख्यमंत्री की ताजा मुलाकात के बाद इस मामले पर आगे की कार्रवाई को लेकर नजर बनी हुई है।

मुख्यमंत्री मान ने राज्यपाल से मुलाकात के दौरान पंजाब के प्रशासन और राज्य से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की। हालांकि, हवारा की पैरोल का मुद्दा बैठक के महत्वपूर्ण विषयों में शामिल रहा।

हवारा के समर्थक लंबे समय से उनकी रिहाई या पैरोल की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें जेल में लंबा समय हो चुका है और उन्हें कानूनी प्रावधानों के तहत राहत मिलनी चाहिए। दूसरी ओर, बेअंत सिंह हत्याकांड से जुड़े पीड़ित परिवार और अन्य पक्षों के विचार भी इस मामले में महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

पैरोल के मामले में अंतिम निर्णय संबंधित कानूनी प्रावधानों और सक्षम प्राधिकारी की जांच के आधार पर होता है। मुख्यमंत्री की सिफारिश अपने आप में पैरोल मंजूर होने का आदेश नहीं है। राज्यपाल और संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले के सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

बेअंत सिंह हत्याकांड पंजाब के इतिहास के सबसे चर्चित आतंकवाद संबंधी मामलों में से एक रहा है। इस मामले में दोषी ठहराए गए कैदियों की सजा और रिहाई से जुड़े मुद्दे समय-समय पर राजनीतिक और कानूनी चर्चा का विषय बनते रहे हैं।

मुख्यमंत्री मान की राज्यपाल से मुलाकात के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हवारा की पैरोल की मांग पर राजभवन और संबंधित विभाग क्या निर्णय लेते हैं। यदि पैरोल मंजूर होती है तो उसकी अवधि और शर्तें भी संबंधित आदेश में निर्धारित की जाएंगी।

पंजाब सरकार की ओर से इस मामले को राज्यपाल के सामने उठाना यह दर्शाता है कि सरकार इस मुद्दे पर अपनी सिफारिश आगे बढ़ा रही है। हालांकि, पैरोल को लेकर अंतिम फैसला संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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