13 अगस्त, 2026 : दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक यात्री के हैंड बैगेज से बंदर की खोपड़ी बरामद होने के बाद सुरक्षा और सीमा शुल्क अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर वन्यजीव विभाग से विशेषज्ञ राय मांगी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, यात्री के सामान की जांच के दौरान बैगेज में संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। जांच करने पर अधिकारियों को एक बंदर की खोपड़ी मिली। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।
बरामद खोपड़ी को वन्यजीव से संबंधित वस्तु माना जा रहा है। इसलिए यह पता लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है कि इसे यात्री ने कहां से हासिल किया था और इसे विमान में ले जाने का उद्देश्य क्या था। अधिकारियों ने मामले में वन्यजीव विभाग की राय मांगी है, ताकि खोपड़ी की प्रजाति और उसके कानूनी संरक्षण की स्थिति स्पष्ट की जा सके।
वन्यजीवों के शरीर के अंगों, हड्डियों या अन्य अवशेषों को अपने पास रखना या उनका परिवहन कई परिस्थितियों में वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत प्रतिबंधित हो सकता है। ऐसे मामलों में वस्तु किस प्रजाति से संबंधित है और उसे किस तरह हासिल किया गया, यह जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों के सामान की सुरक्षा जांच के दौरान इस तरह की बरामदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चिंता का विषय बनती है। किसी भी संदिग्ध जैविक या वन्यजीव सामग्री की पहचान होने पर संबंधित विभागों को इसकी जानकारी दी जाती है।
अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीव विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। विभाग यह भी जांच कर सकता है कि बरामद खोपड़ी किसी संरक्षित प्रजाति की है या नहीं और इसे रखने या ले जाने के लिए किसी प्रकार की अनुमति आवश्यक थी या नहीं।
मामले में यात्री से भी पूछताछ की जा सकती है। जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास करेंगी कि खोपड़ी उसके पास कैसे आई और उसे दिल्ली एयरपोर्ट से विमान के जरिए ले जाने का क्या उद्देश्य था।
वन्यजीव संरक्षण से जुड़े मामलों में प्रजाति की पहचान बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि कोई बरामद वस्तु संरक्षित वन्यजीव से संबंधित पाई जाती है, तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, इस मामले में अंतिम कार्रवाई वन्यजीव विभाग की राय और जांच के निष्कर्षों के बाद ही स्पष्ट होगी।
एयरपोर्ट पर वन्यजीवों से जुड़े अवशेषों की बरामदगी पहले भी चिंता का विषय रही है। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर वन्यजीव तस्करी को रोकने के लिए कस्टम, एयरपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों और वन विभाग के बीच समन्वय किया जाता है।
इस मामले में भी अधिकारियों ने बरामद खोपड़ी को सुरक्षित रखा है और संबंधित विशेषज्ञों की राय लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। वन्यजीव विभाग की रिपोर्ट यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी कि यह वस्तु कानून के तहत प्रतिबंधित श्रेणी में आती है या नहीं।
फिलहाल जांच जारी है और यात्री के खिलाफ कार्रवाई वन्यजीव विभाग की रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीव संरक्षण से जुड़े नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
