10 अगस्त, 2026 : दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने राजधानी की विजिलेंस व्यवस्था में व्यापक सुधार और पुनर्गठन के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की निगरानी को मजबूत करना और शिकायतों पर कार्रवाई की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।
उपराज्यपाल ने अधिकारियों को विजिलेंस मामलों की जांच में तेजी लाने, लंबित मामलों की समीक्षा करने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
लंबित मामलों की होगी समीक्षा
नई व्यवस्था के तहत लंबे समय से लंबित विजिलेंस मामलों की समीक्षा किए जाने की संभावना है। अधिकारियों को मामलों की प्रगति पर नियमित निगरानी रखने और जांच को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती
उपराज्यपाल ने सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया। विजिलेंस तंत्र को मजबूत करने का उद्देश्य भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना और सरकारी व्यवस्था में जनता का भरोसा बढ़ाना है।
अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
विभागों और विजिलेंस अधिकारियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान और समन्वय को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत शिकायतों और जांच की निगरानी अधिक व्यवस्थित तरीके से करने की कोशिश होगी।
